गाजीपुर। संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए कृषि विभाग द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कृषि भवन सभागार में किया गया। यह प्रशिक्षण आगामी तृतीय चरण (05 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2025) के सफल क्रियान्वयन के उद्देश्य से आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कृषि रक्षा अधिकारी गाजीपुर श्री उमेश कुमार ने की। उन्होंने क्षेत्रीय कर्मचारियों को चूहे एवं छछूंदर के माध्यम से फैलने वाले रोगों के बारे में जानकारी दी और बताया कि इनकी रोकथाम जनसामान्य के सहयोग के बिना संभव नहीं है। उन्होंने कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे अपनी-अपनी न्याय पंचायतों में छोटी-छोटी गोष्ठियाँ आयोजित कर किसानों को चूहे एवं छछूंदर नियंत्रण के लिए प्रेरित करें।
श्री कुमार ने बताया कि किसानों को मच्छररोधी पौधों जैसे लेवेंडर, नीम, तुलसी, लेमनग्रास और गेंदा लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने चूहा नियंत्रण के व्यावहारिक उपाय भी बताए। उनके अनुसार ब्रोमोडियोलॉन 0.005 प्रतिशत से बने चारे की 10 ग्राम मात्रा या जिंक फास्फाइड 80 प्रतिशत की 1 ग्राम मात्रा को 48 ग्राम भूने हुए चने और सरसों के तेल से तैयार कर बिल में रखने से चूहे मर जाते हैं। इसी प्रकार, एल्यूमिनियम फास्फाइड 56 प्रतिशत की 3 से 4 ग्राम मात्रा को बिल में डालकर बंद करने से निकलने वाली फॉस्फीन गैस से भी चूहों का नियंत्रण किया जा सकता है। प्रशिक्षण में राजनाथ सिंह यादव, व०प्रा०स० ग्रुप-बी/प्रभारी वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए अशोक कुमार, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-बी (कृ०रा०), समस्त विकासखण्ड स्तरीय सहायक विकास अधिकारी (कृषि/कृ०रा०) तथा क्षेत्रीय कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण पर अपने विचार साझा किए।