गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के संयुक्त तत्वावधान में पूर्व शोध प्रबंध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम महाविद्यालय के सेमिनार हाल में स8म्पन्न हुआ, जिसमें प्राध्यापकगण, शोधार्थी और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
संगोष्ठी में विज्ञान संकाय के शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग के शोधार्थी अमर सिंह ने “ए स्टडी ऑफ कॉलेज गोइंग गर्ल्स टू एडॉप्ट फिजिकल एजुकेशन एंड योगा एज कैरियर” विषय पर शोध प्रबंध प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी के सामने करियर विकल्पों की अनेक राहें खुली हुई हैं। विज्ञान, तकनीक, चिकित्सा और प्रबंधन के साथ-साथ शारीरिक शिक्षा और योग भी अब एक महत्वपूर्ण करियर क्षेत्र बनते जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य जागरूकता के इस दौर में योग और शारीरिक शिक्षा का महत्व केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र के स्वास्थ्य निर्माण से भी जुड़ा है। प्रस्तुत अध्ययन गोरखपुर जनपद के विभिन्न महाविद्यालयों की 485 छात्राओं पर आधारित है। अध्ययन से यह तथ्य सामने आया कि अधिकांश छात्राएँ योग और शारीरिक शिक्षा को रोजगार, आत्मिक संतोष और समाजसेवा का साधन मानती हैं।
अमर सिंह ने कहा कि परिवार और समाज की सोच, रोजगार अवसरों की उपलब्धता और सामाजिक मान्यताएँ छात्राओं के करियर चयन को गहराई से प्रभावित करती हैं। कुछ छात्राओं ने रूढ़िवादी धारणाओं और सीमित नौकरी अवसरों को बड़ी बाधा बताया। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि शिक्षण संस्थाएँ और सरकार व्यावसायिक प्रशिक्षण, करियर काउंसलिंग और रोजगार अवसर उपलब्ध कराएँ तो छात्राएँ इस क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दे सकती हैं। प्रस्तुति के बाद विभागीय शोध समिति व प्राध्यापकों ने शोध पर प्रश्न पूछे जिनका उत्तर शोधार्थिनी सोनम सिंह ने संतोषजनक ढंग से दिया। तत्पश्चात समिति एवं प्राचार्य प्रो.(डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान की। संगोष्ठी में प्राचार्य प्रो.(डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, संयोजक प्रो.(डॉ.) जी. सिंह, शोध निर्देशक डॉ. अनुराग सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. लवजी सिंह सहित प्रो.(डॉ.) सुजीत कुमार सिंह, प्रो.(डॉ.) अरुण कुमार यादव, डॉ. रामदुलारे, डॉ. अशोक कुमार, प्रो.(डॉ.) संजय चतुर्वेदी, डॉ. ओमदेव सिंह गौतम, प्रदीप सिंह तथा अन्य प्राध्यापक व शोध छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। अंत में डॉ. लवजी सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा संचालन का दायित्व प्रो.(डॉ.) जी. सिंह ने निभाया।