जमानिया (गाजीपुर): लोक आस्था के महापर्व डाला छठ को लेकर सोमवार को नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक भक्ति और उल्लास का वातावरण रहा। श्रद्धालु महिलाओं ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर भगवान भास्कर और छठ मैया की पूजा-अर्चना की। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने नाव और सड़क मार्ग से घाटों की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया, क्षेत्राधिकारी अनिल कुमार तथा तहसीलदार राम नारायण वर्मा ने नगर क्षेत्र के बलुआ घाट, कपूरा घाट, सतुआनी घाट, मुनान घाट, हरपुर घाट, बड़ेसर घाट और चक्का बांध घाट का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सुरक्षा, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता और भीड़ नियंत्रण की तैयारियों का बारीकी से मूल्यांकन किया। उन्होंने व्रती महिलाओं से बातचीत कर उनकी सुविधाओं की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए।
नगर पालिका प्रशासन की ओर से घाटों पर टेंट, रोशनी, पीने के पानी और चेंजिंग रूम की व्यवस्था की गई थी। व्रती महिलाओं के ठहरने के लिए अस्थायी चबूतरे और टेंट लगाए गए, वहीं पालिका कर्मियों ने घाटों की सफाई कर चुने का छिड़काव कराया।छठ पर्व के अवसर पर श्रद्धालु महिलाओं ने निर्जला उपवास रखकर सूर्यास्त के समय पहला अर्घ्य अर्पित किया। मंगलवार की सुबह उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देने के साथ यह पर्व संपन्न होगा। घाटों पर छठ गीतों की गूंज और डूबते सूर्य की सुनहरी किरणों से भक्ति और शांति का मनोहारी दृश्य देखने को मिला।बाजारों में छठ पूजा की रौनक भी देखने को मिली। महिलाएं डाला, सूप, दउरी, नारियल, फल और पूजा सामग्री की खरीदारी में व्यस्त रहीं। बढ़ती महंगाई के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ।

छठ पर्व की तैयारियों को लेकर नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के घाटों पर साफ-सफाई, प्रकाश और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाकर भीड़ को नियंत्रित किया। प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह पुलिस बल के साथ घाटों के आसपास मुस्तैद रहे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क दिखाई दिया महिलाओं ने बताया कि यह व्रत परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की दीर्घायु के लिए रखा जाता है। घाटों पर भक्ति, संगीत और अनुशासन का अनोखा संगम देखने को मिला| इस दौरान अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार, नगर पालिका अध्यक्ष जय प्रकाश गुप्ता, विजय शंकर राय तथा पालिका कर्मी मुस्तैदी से ड्यूटी पर डटे रहे। पर्व के समापन पर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के बाद पारण किया। घाटों और घरों में “छठी मैया के जयकारों” से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।