जमानियां (गाजीपुर)। भारत के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, स्टेशन बाजार, गाजीपुर में शासन के निर्देशानुसार एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था – “एकता में शक्ति: आज के युवाओं के लिए पटेल का संदेश”। इस आयोजन का उद्देश्य सरदार पटेल के योगदान को स्मरण करना और युवाओं में राष्ट्रीय एकता की भावना को प्रबल करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह के उद्घाटन भाषण से हुई। उन्होंने कहा कि जैसे जर्मनी के बिस्मार्क ने अपने देश को एकीकृत किया, वैसे ही सरदार वल्लभभाई पटेल ने स्वतंत्र भारत की 562 रियासतों को एक सूत्र में बांधकर आधुनिक भारत की नींव रखी। इसके बाद डॉ. संजय कुमार सिंह ने पटेल जी के जीवन और संघर्षों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के समय की परिस्थितियाँ अत्यंत जटिल थीं, फिर भी सरदार पटेल ने अपने अटूट संकल्प से राष्ट्र को एकजुट किया। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे पटेल जी के विचारों से प्रेरणा लेकर मजबूत और अखंड भारत के निर्माण में योगदान दें। महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य प्रो. अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री ने सरदार पटेल से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल भारत के भौगोलिक एकीकरण में बल्कि राष्ट्रीय भावना के प्रसार में भी अग्रणी भूमिका निभाई। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे उनके आदर्शों को अपनाकर एकता की भावना को मजबूत करें।
कार्यक्रम के संचालक एवं हिंदी विभाग के सहायक आचार्य अभिषेक तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल केवल भारत के एकीकरण के शिल्पी नहीं थे, बल्कि वे एक सशक्त नेतृत्व और राष्ट्रप्रेम के प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में एकता, अनुशासन और सेवा की भावना विकसित करनी चाहिए।
अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. श्रीनिवास सिंह ने सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, “आज जब समाज में विभाजनकारी प्रवृत्तियाँ सिर उठा रही हैं, ऐसे समय में सरदार पटेल के विचार पहले से अधिक प्रासंगिक हैं। युवाओं को उनके ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के सपने को साकार करने के लिए आगे आना होगा।” इस अवसर पर एनएसएस के सक्रिय स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहें ।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

