गाजीपुर। जनपद न्यायालय गाजीपुर के दसकक्षीय सभागार में डॉ. भीमराव आंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों ने भाग लेकर बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह में माननीय जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय कुमार-चतुर्थ, पूर्णकालिक सचिव श्रीमती अर्चना तथा अन्य न्यायिक अधिकारीगण, अधिवक्तागण एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर एक बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे—वे विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, समाज सुधारक और प्रखर राजनीतिज्ञ थे। उन्होंने दलितों एवं वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध सशक्त अभियान चलाया। साथ ही, उन्होंने श्रमिकों, किसानों और महिलाओं के अधिकारों की भी वकालत की। उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहब स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री थे और भारतीय संविधान के प्रमुख शिल्पकार के रूप में उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा। कार्यक्रम का संचालन पूर्णकालिक सचिव श्रीमती अर्चना द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित सभी को बाबा साहब के जीवन, उनके जन्म स्थान, शिक्षा, राजनीतिक जीवन, लेखन एवं योगदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। समारोह के माध्यम से उपस्थित जनों को बाबा साहब के विचारों को अपनाने और समाज में समानता, न्याय एवं भाईचारे की भावना को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।