गाजीपुर। विकास भवन सभागार में आयोजित किसान दिवस में किसानों की समस्याओं को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ चर्चा की गई। बैठक में अनुपस्थित रहने पर किसानों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने अधिशासी अभियंता विद्युत प्रथम को स्पष्टीकरण जारी करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए। उप कृषि निदेशक ने बताया कि जनपद में अब तक 87 प्रतिशत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूरा हो चुका है। शेष मामलों में अंश निर्धारण और नेम मिसमैच के कारण कार्य लंबित है। इस पर सीडीओ ने सभी उपजिलाधिकारियों और तहसीलदारों को लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि खरीफ मौसम के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत 2200 हेक्टेयर क्षेत्र का सर्वे पूरा किया जा चुका है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड से वंचित किसानों के लिए 15 मई से 31 मई तक ग्राम पंचायतवार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने किसानों से अभियान का लाभ उठाने की अपील की। अधिकारियों ने जानकारी दी कि जनपद में अब तक 6106 किसानों को फसल बीमा योजना के तहत चार करोड़ 13 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति दी जा चुकी है। किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से अधिक से अधिक जुड़ने का आग्रह भी किया गया।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि खरीफ सीजन के लिए धान, ढैंचा, उर्वरक एवं अन्य कृषि निवेश की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। बीज वितरण ई-लॉटरी प्रणाली के माध्यम से पॉस मशीन द्वारा किया जाएगा। इस वर्ष जनपद में 1000 कुंतल ढैंचा उपलब्ध कराया गया है। अधिकारियों ने किसानों से जरूरत के अनुसार ही उर्वरक खरीदने और नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी के प्रयोग को बढ़ावा देने की अपील की। किसान दिवस में विभिन्न किसानों ने सिंचाई, फसल बीमा, खराब ट्यूबवेल और कृषि यंत्रों से जुड़ी समस्याएं उठाईं। ताड़ीघाट नहर की सफाई, देवकली पंप नहर की मरम्मत और जीरो टिल सीड ड्रिल उपलब्ध कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। बैठक में जिला उद्यान अधिकारी, जिला मत्स्य अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी, डिप्टी आरएमओ, यूनियन बैंक के जिला अग्रणी प्रबंधक समेत अन्य विभागीय अधिकारियों ने भी किसानों को योजनाओं की जानकारी दी। अंत में मुख्य विकास अधिकारी ने किसानों से अपनी शिकायतें लिखित रूप में देने की अपील की, ताकि उनका त्वरित समाधान कराया जा सके।