Skip to content
City Super Fast News

City Super Fast News

Your Voice…

Primary Menu

कैंथी धाम घाट पर एनडीआरएफ की मॉक ड्रिल, आपदा से निपटने की तैयारियों का लिया जायजा

ब्यूरो 20-05-2026

हमारे पोस्ट को करें:

  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Tumblr (Opens in new window) Tumblr
  • Share on Pinterest (Opens in new window) Pinterest
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
94a6edc9-d18e-4655-8eef-1f1b3a3583b8

गाजीपुर। जनपद के बॉर्डर स्थित कैंथी धाम घाट पर बुधवार को एनडीआरएफ द्वारा व्यापक मॉक ड्रिल और मोबिलाइजेशन अभ्यास आयोजित किया गया। इस अभ्यास का उद्देश्य प्राकृतिक और मानवजनित आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में टीमों की तत्परता, समन्वय और रिस्पॉन्स टाइम का आकलन करना था। उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गाजीपुर, मिर्जापुर, जौनपुर, लखनऊ, गोरखपुर और प्रतापगढ़ के साथ मध्य प्रदेश के विदिशा एवं भोपाल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में एक साथ मॉक ड्रिल की गई। कार्यक्रम में राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, पुलिस, जल पुलिस, फायर ब्रिगेड, स्वास्थ्य विभाग समेत कई एजेंसियों ने भाग लिया।

मॉक ड्रिल के दौरान नाव डूबने, नावों की टक्कर, रासायनिक एवं जैविक आपदाएं, भूकंप और भवन ध्वस्त होने जैसी आपात स्थितियों का अभ्यास किया गया। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ की विशेष टीमों ने मौके पर पहुंचकर ऑपरेशन बेस स्थापित किया और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। आधुनिक उपकरणों की मदद से घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया तथा अस्पताल भेजा गया। अभ्यास में फ्लड वाटर रेस्क्यू, कॉलैप्स्ड स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू तथा केमिकल, बायोलॉजिकल, रेडियोलॉजिकल एंड न्यूक्लियर (CBRN) प्रतिक्रिया टीमों ने हिस्सा लिया। पूरे अभियान के दौरान इंसिडेंट रिस्पॉन्स सिस्टम के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। उप महानिरीक्षक मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि किसी भी आपदा की स्थिति में जोखिम को कम करना एनडीआरएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस मॉक ड्रिल में एनडीआरएफ की 12 टीमों को तैनात किया गया था, जो अत्याधुनिक राहत एवं बचाव उपकरणों से लैस हैं। कार्यक्रम में तहसीलदार सैदपुर हिमांशु सिंह और आपदा विशेषज्ञ अशोक राय सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

संबंधित समाचार

Post navigation

Previous: पूर्वांचल के जंगली मशरूमों में अधिक एंटीऑक्सीडेंट, वैज्ञानिक खेती से मशरूम क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं : शोधार्थी
Next: बाढ़ और आपदा प्रबंधन को लेकर पेट्रोल पंपों पर ईंधन रिजर्व रखने के निर्देश

हो सकता है आप चूक गए हों

6cd586d2-87a1-467f-ade0-7b3b88c5810d

हेतिमपुर आईटीआई में रोजगार मेले का आयोजन, 284 युवाओं का अंतिम चयन

ब्यूरो 20-07-2026
446f344a-fe55-4ffe-bd9c-84d5e7a39353

एक ही परिवार के दो होनहारों ने NEET-UG में लहराया सफलता का परचम, जमानियां का बढ़ाया मान

ब्यूरो 20-07-2026
1ab49a78-548a-4900-92da-58f5413bdcf7

सरकारी भूमि से हटाया गया अवैध कब्जा, बुलडोजर कार्रवाई में पीडब्ल्यूडी की जमीन अतिक्रमण मुक्त

ब्यूरो 20-07-2026
552dc436-bb3f-4554-862e-e03fe1419b69

गंगा के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन सतर्क, एसडीएम ने चक्काबांध तट का किया निरीक्षण

ब्यूरो 20-07-2026
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.