डॉ. लोहिया के समाजवादी विचार आज भी प्रासंगिक, शोधार्थी ध्रुवराज यादव ने प्रस्तुत किया शोध प्रबंध
गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर में अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में पूर्व शोध प्रबंध संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में राजनीति विज्ञान विभाग के शोधार्थी ध्रुवराज यादव ने “भारतीय राजनीति में डॉ. राम मनोहर लोहिया का विचार एवं उनके योगदान का एक अध्ययन” विषय पर अपना शोध प्रबंध प्रस्तुत किया।
अपने प्रस्तुतीकरण में ध्रुवराज यादव ने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया भारतीय राजनीति के महान समाजवादी चिंतक, स्वतंत्रता सेनानी और सामाजिक न्याय के अग्रदूत थे। उनका राजनीतिक दर्शन समाजवाद, सामाजिक न्याय, लोकतंत्र, विकेंद्रीकरण और समानता पर आधारित था। उन्होंने ‘सप्त क्रांति’ और ‘चौखम्भा राज्य’ जैसी अवधारणाओं के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की नई दिशा दी। साथ ही पिछड़े वर्गों और महिलाओं के सशक्तिकरण को लेकर उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने बताया कि डॉ. लोहिया का ‘गैर-कांग्रेसवाद’ सिद्धांत भारतीय राजनीति में गठबंधन युग की आधारशिला साबित हुआ। प्रस्तुतीकरण के बाद शोध समिति, प्राध्यापकों एवं शोधार्थियों ने शोध विषय से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका शोधार्थी ने संतोषजनक उत्तर दिया। संगोष्ठी के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय तथा विभागीय शोध समिति ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान की। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो. (डॉ.) जी. सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं शोध निर्देशक प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार ने किया।