गाजीपुर। संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए आगामी 1 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलाए जाने वाले विशेष अभियान के द्वितीय चरण के सफल क्रियान्वयन हेतु गुरुवार को कृषि भवन सभागार में कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला कृषि रक्षा अधिकारी उमेश कुमार ने कर्मचारियों को चूहों एवं छछूंदरों के माध्यम से फैलने वाले रोगों के प्रति जागरूक करते हुए इनके नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों की प्रभावी रोकथाम जनसहयोग के बिना संभव नहीं है। इसलिए सभी क्षेत्रीय कर्मचारी अपने-अपने न्याय पंचायत क्षेत्रों में गोष्ठियों का आयोजन कर किसानों एवं आमजन को जागरूक करें।
उन्होंने कर्मचारियों को मच्छररोधी पौधों जैसे लेवेंडर, नीम, तुलसी, लेमनग्रास एवं गेंदा के रोपण को बढ़ावा देने तथा इनके लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। साथ ही चूहों एवं छछूंदरों के नियंत्रण के वैज्ञानिक उपायों की जानकारी देते हुए कहा कि इनके कारण भी विभिन्न संक्रामक रोगों के प्रसार की संभावना बनी रहती है। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने चूहों के नियंत्रण के लिए जिंक फॉस्फाइड एवं एल्यूमिनियम फॉस्फाइड के सुरक्षित एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप उपयोग की जानकारी दी। कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में संचारी रोग नियंत्रण अभियान के प्रति लोगों को जागरूक कर जनसहभागिता सुनिश्चित करें। कार्यक्रम में प्रभारी वरिष्ठ प्राविधिक सहायक ग्रुप-ए राजनाथ सिंह यादव, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक अशोक कुमार सहित सभी विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारी (कृषि) एवं कृषि रक्षा विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों ने संचारी रोग नियंत्रण से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने विचार भी व्यक्त किए।