गाजीपुर। जनपद में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग (NMNF) योजना के तहत एक नए बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर (BRC) की स्थापना की जाएगी। इस संबंध में उप कृषि निदेशक ने जानकारी देते हुए इच्छुक एफपीओ, उद्यमियों एवं संस्थाओं से 8 अगस्त 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए हैं। उन्होंने बताया कि संयुक्त कृषि निदेशक (बा.ओ.), उत्तर प्रदेश, कृषि भवन लखनऊ के निर्देशानुसार भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप जनपद में एक बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसानों को स्थानीय स्तर पर जैविक इनपुट उपलब्ध कराना है।
प्राकृतिक खेती को सफलतापूर्वक अपनाने के लिए पशु एवं पौधों आधारित जैविक संसाधनों तक पहुंच आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए एनएमएनएफ क्लस्टरों में स्थानीय स्तर पर घनजीवामृत, जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी जैसे प्राकृतिक कृषि में उपयोग होने वाले जैविक मिश्रणों के उत्पादन एवं उपलब्धता को बढ़ावा देने के लिए उद्यम मॉडल पर बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर स्थापित किए जाएंगे। उप कृषि निदेशक ने बताया कि चयनित उद्यमी या संस्था को जैविक मिश्रणों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए अपने केंद्र पर स्टोरेज कैन, रैक, रेफ्रिजरेटर, गाय के मूत्र संग्रहण की व्यवस्था, किण्वन (फर्मेंटेशन) चैंबर तथा बड़े स्टोरेज की सुविधा स्वयं विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि इच्छुक उद्यमी, समूह अथवा संस्था का प्राकृतिक खेती से जुड़ा होना अथवा उसके सदस्यों को प्राकृतिक खेती का पूर्व अनुभव होना आवश्यक है। बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर प्राकृतिक खेती अपनाने वाले किसानों एवं क्लस्टरों को जैविक मिश्रणों के निर्माण और उपयोग की विधि संबंधी तकनीकी सहयोग भी उपलब्ध कराएगा। उप कृषि निदेशक ने जनपद के सभी एफपीओ, उद्यमियों एवं अन्य संस्थाओं से अपील की है कि निर्धारित चयन मानकों के अनुसार अपना आवेदन किसी भी कार्यदिवस में 08 अगस्त 2026 तक उनके कार्यालय में जमा करें, ताकि नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना के तहत बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर के लिए उनका चयन किया जा सके।