गाजीपुर। महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र गाजीपुर की पहल से आपसी मतभेद के कारण अलग रह रहे एक दंपती के बीच समझौता कराया गया। दोनों पक्षों की मध्यस्थता के बाद दंपती ने पुराने गिले-शिकवे भुलाकर साथ रहने पर सहमति जताई, जिसके बाद उनकी सकुशल विदाई कराई गई।
पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन में रविवार को महिला सहायता प्रकोष्ठ/परिवार परामर्श केंद्र द्वारा पति-पत्नी के विवाद से संबंधित 22 प्रकरणों की सुनवाई की गई। इस दौरान काफी समय से विवादित चल रहे एक प्रकरण में दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत एवं मध्यस्थता के माध्यम से विवाद का समाधान कराया गया। परिवार परामर्श केंद्र के प्रयास से दोनों पक्ष बिना किसी दबाव के अपनी राजी-खुशी से साथ रहने के लिए सहमत हुए। इसके बाद दंपती को सकुशल विदा किया गया। सुनवाई के दौरान 05 प्रकरणों में कुशलक्षेम के बाद पत्रावली बंद कर दी गई, जबकि 06 प्रकरणों में विधिक सुझाव देते हुए पत्रावली बंद की गई। शेष प्रकरणों में अभी मध्यस्थता पूरी नहीं होने के कारण अगली तिथि निर्धारित की गई। इस पूरी प्रक्रिया में विक्रमादित्य मिश्रा, कमरुद्दीन, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी उपनिरीक्षक नीतू मिश्रा, महिला आरक्षी सविता, महिला आरक्षी रागिनी चौबे, महिला आरक्षी संध्या एवं महिला आरक्षी अभिलाषा सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। परिवार परामर्श केंद्र द्वारा आपसी विवादों को संवाद और मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाकर परिवारों को टूटने से बचाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है।