जमानियां। स्थानीय स्टेशन बाजार के समीप एनएच-24 पर 10 अगस्त को हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल शिक्षक उदय नारायण रावत (50) की लखनऊ स्थित पीजीआई में उपचार के दौरान मौत हो गई। रविवार को उनका पार्थिव शरीर कस्बा बाजार की नई बस्ती चौधरी मोहल्ला स्थित आवास पर पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, नई बस्ती चौधरी मोहल्ला निवासी उदय नारायण रावत 10 अगस्त को बिहार से बाइक से अपने घर लौट रहे थे। दोपहर करीब 3:30 बजे स्टेशन बाजार स्थित काली मंदिर के सामने एनएच-24 पर अचानक एक कुत्ता उनकी बाइक के सामने आ गया। उसे बचाने के प्रयास में बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद उन्हें स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिलाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें वाराणसी रेफर कर दिया। वाराणसी में उपचार के बावजूद स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। इसके बाद परिजन शनिवार को उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ स्थित पीजीआई ले गए, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। रविवार को शव घर पहुंचते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे की जानकारी मिलने पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और रिश्तेदार आवास पर पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। बाद में गमगीन माहौल में बलुआ घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। उदय नारायण रावत पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर थे और बिहार के एक निजी विद्यालय में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। उनकी पत्नी बिहार के एक सरकारी विद्यालय में अध्यापिका हैं। वह अपने पीछे दो पुत्रियों और एक पुत्र समेत भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके असामयिक निधन से परिवार, रिश्तेदारों और परिचितों में शोक व्याप्त है।