नगसर (गाजीपुर)। स्थानीय क्षेत्र के नगसर नेवाजू राय गाँव में मंगलवार को सेना के मृत हवलदार आलमशेर खान 40 वर्ष का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर दोपहर में पैतृक आवास पर पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। पत्नी सहित अन्य परिजनों का रो- रोकर बुरा हाल था। जवान के अंतिम दर्शन के लिए गाँव के ही परिषदीय विद्यालय में पार्थिव शरीर को रखा गया।
इस दौरान वाराणसी 39 जीटीसी से आए लेफ्टिनेंट कर्नल सुमित पंत ने पुष्प चक्र अर्पित किया, साथ ही आए दर्जनों जवानों ने हवा में फायरिंग कर अपने साथी जवान को अंतिम विदाई दी। इसके बाद विभिन्न राजनीतिक दलों, पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों सहित परिजनों व ग्रामीणों ने भी अपने लाल को अंतिम बिदाई दी। इसके बाद गाँव के ही कब्रिस्तान में जवान को पूरे सैनिक सम्मान के साथ सुपुर्देखाक किया गया।इस दौरान सबकी आखें नम हो गई।
मालूम हो कि बीते पांच दिन पूर्व सिक्किम बार्डर पर तैनात जवान आलमशेर खांन का ड्यूटी के दौरान अचानक सीने में दर्द होते ही वह वेहोश होकर गिर पड़े, जिसके बाद उसे सेना के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसका इलाज के दौरान निधन हो गया था।परिजनों के मुताबिक जवान सेना के राजपूताना राइफल्स बटालियन में हवलदार के पद पर तैनात था।
मृत जवान की शादी बारा गाँव के हाजी मोहम्मद इकबाल खान की पुत्री से हुआ था। पत्नी अख्तरी खातून, मां सलमा का रो- रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बताया कि आलमशेर खान सेना में 2002 में भर्ती हुए थे, बताया कि जवान के दो पुत्र सहजेब व शाकिब व एक पुत्री सिमरन है।
इस अवसर पर एसडीएम सेवराईं राजेश प्रसाद चौरसिया, सीओ विधि भूषण मौर्या, जमानियां इंस्पेक्टर दिग्विजय नाथ तिवारी, उपनिरीक्षक राजेश गिरी, पूर्व प्रमुख रेवतीपुर मुकेश राय, पूर्व प्रमुख रेवतीपुर अजय यादव, सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, कन्हैया लाल विश्वकर्मा, विधायक प्रतिनिधि मन्नू सिंह, रेवतीपुर थानाध्यक्ष आलोक त्रिपाठी, नगसर थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, सुहवल थानाध्यक्ष बागीश बिक्रम सिंह सहित सैकड़ो की संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।