गाजीपुर। शैक्षिक सत्र 2024-25 के लिए पिछड़ी जाति दशमोत्तर छात्रवृत्ति (कक्षा 11-12) के आवेदन पत्रों की मुख्यालय लखनऊ द्वारा स्कूटनी पूरी कर ली गई है। इस प्रक्रिया में कुल 8308 आवेदन संदिग्ध (सस्पेक्ट) पाए गए हैं। यह डाटा छात्रों एवं संबंधित विद्यालयों के लॉगिन पर परीक्षण एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु उपलब्ध करा दिया गया है।
संदिग्ध पाए जाने के प्रमुख कारण:
- आय प्रमाण पत्र का राजस्व डेटाबेस से मेल न खाना।
- जाति प्रमाण पत्र का राजस्व डेटाबेस से मेल न खाना।
- छात्रवृत्ति फॉर्म एवं राजस्व डेटाबेस में जाति प्रमाण पत्र श्रेणी का असंगत होना।
- नवीनीकरण के बजाय नए आवेदन का सबमिशन।
- आय, जाति प्रमाण पत्र, हाई स्कूल रोल नंबर, खाता संख्या आदि का डुप्लीकेट होना।
- परीक्षा परिणाम अभी घोषित न होना या अंक मेल न खाना।
- उपस्थिति प्रतिशत 75% से कम होना।
- एक ही आय प्रमाण पत्र से अलग-अलग पिता के नाम दर्ज होना।
- पिछले सत्र में किए गए कोर्स में ही दोबारा आवेदन करना।
- अंकों का संदिग्ध होना (33% से कम अंक)।
21 फरवरी तक जमा करें अभिलेख:
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने जनपद के सभी कक्षा 11-12 के विद्यालयों को निर्देश दिया है कि संदिग्ध छात्रों के संबंधित प्रमाणपत्र एवं आवश्यक दस्तावेजों को प्रमाणित कर कार्यालय पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, गाजीपुर में 21 फरवरी 2025 तक जमा कराएं। यदि निर्धारित तिथि तक अभिलेख जमा नहीं किए जाते हैं, तो ऐसे छात्रों के आवेदन अपात्र मानकर नियमानुसार निरस्त कर दिए जाएंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित शिक्षण संस्थान की होगी।