जमानिया। विकास खंड सभागार में बुधवार को दो दिवसीय अनावासीय महिला ग्राम प्रधान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र की महिला ग्राम प्रधानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में जमानिया, रेवतीपुर और भदौरा विकासखंड की महिला ग्राम प्रधानों को नेतृत्व क्षमता, संचार कौशल और लैंगिक समानता पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ:
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिवस का शुभारंभ जमानिया ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संतोष कुशवाहा, खंड विकास अधिकारी बृजेश अस्थाना, वरिष्ठ फैकल्टी सह प्रबंधक डीपीआरसी चंदौली सुनील सिंह, एडीओ पंचायत उमेंद्र प्रताप सिंह, भदौरा के एडीओ पंचायत सुरेश प्रसाद और महिला प्रधानों ने दीप प्रज्वलन कर किया।
इस अवसर पर संतोष कुशवाहा ने कहा कि यह प्रशिक्षण महिला प्रधानों की नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाएगा। उन्होंने बताया कि जिन ग्राम पंचायतों में महिला प्रधान सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं, वहां विकास की गति पुरुष प्रधानों की तुलना में अधिक तेज़ देखी गई है। महिलाओं का जुड़ाव समाज के सभी वर्गों से होता है, जिससे वे ग्राम के विकास और महिलाओं के हित में बेहतर कार्य कर सकती हैं।
महिला प्रधानों के सशक्त नेतृत्व पर जोर:
खंड विकास अधिकारी बृजेश अस्थाना ने कहा कि जब महिला प्रधान स्वयं नेतृत्व करेंगी, तो वे अपनी ग्राम पंचायत में चल रही विभिन्न योजनाओं जैसे मनरेगा, आवास योजना, ग्राम स्वराज योजना आदि की सटीक जानकारी रख सकेंगी और विकास कार्यों को प्रभावी रूप से लागू कर पाएंगी।
विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा:
प्रशिक्षण सत्र में पंचायती राज व्यवस्था, ग्राम सभा, ग्राम पंचायत का गठन, प्रधान की भूमिका और दायित्व, प्रधान को पद से हटाने की प्रक्रिया, सतत विकास लक्ष्य, जेंडर और लिंग आधारित भेदभाव जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
मास्टर ट्रेनर शशि कुमार, कल्पना शर्मा और सुनील सिंह ने महिला ग्राम प्रधानों को उनके दायित्वों और अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण से महिला प्रधानों को अपने कार्यों को और अधिक प्रभावी ढंग से करने की प्रेरणा और दिशा-निर्देश प्राप्त हुए, जिससे वे अपने गांवों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगी।