गाजीपुर। मरदह थाना क्षेत्र के तेजपुरा ग्राम प्रधान रामसुधार यादव पर सरकारी संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ग्राम प्रधान पर आरोप है कि उन्होंने कम्पोजिट विद्यालय तेजपुरा के प्रांगण में लगे खड़ंजे की ईंटें उखाड़कर अन्यत्र उपयोग कर लीं। इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिक्षा क्षेत्र के कम्पोजिट विद्यालय तेजपुरा में वर्ष 2003 में खड़ंजा लगाया गया था। ग्राम प्रधान रामसुधार यादव ने 2024 में सौंदर्यीकरण के नाम पर इस खड़ंजे को उखड़वाकर अन्यत्र प्रयोग में ले लिया। हालांकि, आज तक सौंदर्यीकरण का कोई कार्य नहीं किया गया।
इस मामले की शिकायत गांव के अर्जुन कुमार, रामदीन राम और पंकजकांत सागर ने संयुक्त रूप से जिला पंचायत राज अधिकारी से की। शिकायत के आधार पर जांच समिति ने रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को सौंपी, जिसमें ग्राम प्रधान को दोषी पाया गया। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद जिला पंचायत राज अधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी को मामले से अवगत कराया, जिन्होंने खंड शिक्षा अधिकारी मरदह को मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश दिया।
ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इसके बाद, प्रभारी प्रधानाध्यापक जयप्रकाश राम को निर्देश मिला कि वह इस संबंध में तहरीर दें। तहरीर के आधार पर मरदह थाने में ग्राम प्रधान रामसुधार यादव के विरुद्ध लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की जांच-पड़ताल शुरू कर दी गई है। इस घटना के सामने आने के बाद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में हड़कंप मचा हुआ है।
ग्राम प्रधान पर पहले भी लग चुके हैं आरोप
ग्राम प्रधान रामसुधार यादव पर पहले भी समाज विरोधी गतिविधियों के आरोप लगते रहे हैं। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष है और प्रशासन की ओर से आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।