गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार में आज एक दिवसीय जनपद स्तरीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के आदेश एवं अपर जिलाधिकारी के निर्देशानुसार इस कार्यक्रम का संचालन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आपदा जोखिम न्यूनीकरण में महिला सहायता समूहों की भूमिका को सशक्त बनाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दिनेश कुमार एवं सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धार्थ राय ने दीप प्रज्वलन कर किया। सिद्धार्थ राय भारत सरकार द्वारा युवा पुरस्कार प्राप्त हैं तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सर्वोच्च युवा पुरस्कार से सम्मानित हैं। अपर जिलाधिकारी दिनेश कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आपदाएं अनिवार्य रूप से आती हैं, लेकिन जागरूकता और समुचित जानकारी से इनके प्रभाव को न्यून किया जा सकता है। उन्होंने जनपद में सर्पदंश की घटनाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही और नागरिकों से आग्रह किया कि झाड़-फूंक के बजाय तुरंत अस्पताल जाकर एंटी-स्नेक वेनम का डोज लें, जो सभी अस्पतालों में उपलब्ध है। सामाजिक कार्यकर्ता सिद्धार्थ राय ने आपदा प्रबंधन के तीन महत्वपूर्ण चरणों – आपदा पूर्व, आपदा के दौरान एवं आपदा के पश्चात – पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आपदा के प्रभाव को न्यूनतम करने के लिए समन्वय एवं सतर्कता आवश्यक है।
जिला एपिडेमियोलॉजी विभाग के अधिकारियों ने स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं, वहीं अग्निशमन विभाग के विशेषज्ञों ने गैस सिलेंडर में आग लगने जैसी घटनाओं पर विस्तृत चर्चा की। आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने जनपद में सर्वाधिक देखी जाने वाली आपदाओं – सर्पदंश, आकाशीय बिजली और डूबने की घटनाओं – पर विशेष रूप से चर्चा की। उन्होंने आपदा के समय उपलब्ध अहैतुक सहायता, आपातकालीन नंबरों और दामिनी ऐप के उपयोग की जानकारी भी साझा की। कार्यक्रम को रोचक बनाने के लिए वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें पांच विजेताओं को ₹1000 का पुरस्कार दिया गया। विजेताओं के नाम इस प्रकार हैं: सुमन सिंह (जमानिया), अनु भारती (भांवरकोल), पुष्पा देवी (सदर), अनीता (सैदपुर) और पूनम देवी (कासिमाबाद)।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में देवनंदन दुबे (डीसी, एनआरएलएम) एवं उनके विभाग के कर्मचारियों – सी.आर.ए. राधेश्याम, राकेश तिवारी, सत्येंद्र, श्याम, सरफुद्दीन एवं सुरेंद्र आदि – ने सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का सफल संचालन आपदा विशेषज्ञ अशोक राय द्वारा किया गया।