गाजीपुर। वरिष्ठ कोषाधिकारी उमेश कुमार उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश शासन के वित्त (लेखा) अनुभाग-1, लखनऊ के निर्देशानुसार दिनांक 01 अप्रैल 2013 से समस्त भुगतान कोषागारों द्वारा ई-पेमेंट के माध्यम से किए जा रहे हैं। अब कोषागार से किसी भी प्रकार का भुगतान चेक के माध्यम से नहीं किया जाता है। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन बिल प्रस्तुतीकरण एवं ई-कुबेर प्रणाली भी वर्तमान में प्रभावी रूप से लागू है। उन्होंने सभी आहरण एवं वितरण अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे कोषागार में अपने समस्त बिल नियत प्रक्रिया के अनुसार अधिकतम 20 मार्च 2025 तक प्रस्तुत कर दें। इससे आवश्यक जाँच के उपरांत बिलों की पासिंग की प्रक्रिया पूर्ण की जा सकेगी एवं ई-पेमेंट के माध्यम से भुगतान निर्धारित समय सीमा में, अर्थात 31 मार्च 2025 तक, किया जा सकेगा।
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में फरवरी 2025 तक प्राप्त बजट के सापेक्ष देयकों को डी.डी.ओ. पोर्टल द्वारा तैयार कर शीघ्र कोषागार में प्रस्तुत किया जाए। आहरण की प्रक्रिया विलम्बतम 20 मार्च 2025 तक पूरी कर ली जाए। यदि किसी भी प्रकार से बजट में भिन्नता हो तो कोषागार से बजट मिलान रिपोर्ट प्राप्त कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें। उन्होंने आगे कहा कि मार्च 2025 में प्राप्त बजट के सापेक्ष देयकों को अधिकतम 25 मार्च 2025 तक कोषागार में प्रस्तुत किया जाना अनिवार्य है। शासन के इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित न करने की स्थिति में धनराशि व्यय न हो पाने की दशा में संबंधित आहरण एवं वितरण अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे।