गाजीपुर। आगामी परीक्षाओं एवं विभिन्न त्योहारों के मद्देनजर जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। गाजीपुर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के अंतर्गत जिले में धारा 144 लागू कर दी है। यह आदेश 20 फरवरी 2025 से दो माह तक प्रभावी रहेगा, अथवा इससे पूर्व वापस नहीं लिया जाएगा।
त्योहारों को देखते हुए निर्णय
जिले में 24 फरवरी से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षाएं प्रारंभ होंगी। इसके अतिरिक्त महाशिवरात्रि (26 फरवरी), होलिका दहन (13 मार्च), होली (14 मार्च), ईद-उल-फितर (31 मार्च), राम नवमी (6 अप्रैल), महावीर जयंती (10 अप्रैल), डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती (14 अप्रैल) और गुड फ्राइडे (18 अप्रैल) जैसे प्रमुख त्योहारों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
निषेधाज्ञा के तहत लगाए गए प्रतिबंध
पांच या अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध – सार्वजनिक स्थानों पर अनावश्यक भीड़, रैलियां, प्रदर्शन और अनशन पर पूर्णत: रोक।
आग्नेयास्त्र एवं हथियारों पर प्रतिबंध – लाइसेंसी असलहों का प्रदर्शन या लेकर चलना प्रतिबंधित होगा। धारदार हथियार, विस्फोटक पदार्थ, तेजाब, लाठी और बल्लम आदि पर भी रोक।
अफवाहें फैलाने पर कार्रवाई – किसी भी प्रकार की अफवाहें या भ्रामक जानकारी प्रसारित करने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा – सरकारी व सार्वजनिक संपत्तियों को क्षति पहुंचाने वाले लोगों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जुलूस व मूर्ति स्थापना पर रोक – गत वर्षों की परंपरा से अलग स्थानों पर मूर्ति स्थापना, विसर्जन या पूजा आयोजन नहीं किया जा सकेगा।
यातायात नियमों में सख्ती – दोपहिया वाहनों पर केवल दो व्यक्तियों को अनुमति होगी। सार्वजनिक मार्गों पर किसी भी प्रकार का अवरोध नहीं किया जा सकेगा।
आदेश का उल्लंघन दंडनीय अपराध
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश के किसी भी भाग का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के तहत दंडनीय होगा। केवल सरकारी कर्मचारी, वृद्ध एवं विकलांग व्यक्ति जो लाठी या छड़ी के सहारे चलते हैं, वे इन प्रतिबंधों से मुक्त रहेंगे। परंपरागत धार्मिक जुलूसों, शवयात्राओं एवं पूर्व निर्धारित त्योहारों को इस आदेश से छूट दी गई है। यह निषेधाज्ञा जनहित एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्काल प्रभाव से लागू की गई है।