गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश पाक्सो प्रथम राकेश कुमार सप्तम की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 30 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। इस बात की पुष्टि शुक्रवार की शाम 5 बजे विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो कोर्ट प्रभुनारायण सिंह ने की।
घटना का विवरण
अभियोजन के अनुसार, दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने तहरीर दी थी कि 18 नवंबर 2023 को वह गांव के मंदिर परिसर में थी, जहां उसकी 6 वर्षीय नाबालिग बच्ची खेल रही थी। उसी दौरान गांव का ही एक व्यक्ति उसे मंदिर के भीतर ले गया और आपत्तिजनक हरकत के साथ दुष्कर्म करने का प्रयास किया। घटना के बाद आरोपी ने नाबालिग को धमकी दी कि अगर उसने इस घटना के बारे में किसी को बताया, तो वह उसके माता-पिता को जेल भिजवा देगा। जब बच्ची घर लौटी, तो उसने पूरी घटना अपनी मां को बताई। इसके बाद पीड़िता की मां ने दुल्लहपुर थाने में तहरीर दी।
पुलिस जांच और अदालत की कार्यवाही
पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की। जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई। 1 मई 2024 को अभियुक्त के खिलाफ संबंधित धाराओं में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रभुनारायण सिंह ने कुल 8 गवाहों को अदालत में पेश किया।
अदालत का फैसला
शुक्रवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 30 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। फैसले के बाद अदालत ने अभियुक्त को जेल भेज दिया गया है।