गाजीपुर। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सामूहिक विवाह कार्यक्रम का भव्य आयोजन आरटीआई मैदान (नवीन स्टेडियम), गाजीपुर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह एवं मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर 225 जोड़ों का विवाह पूरे विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ।
विवाह कार्यक्रम में उपस्थित समस्त जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को उनके दांपत्य जीवन की मंगलकामनाएं दीं। नवदंपतियों को विवाह प्रमाण पत्र और पौधरोपण हेतु आम वृक्ष का पौधा प्रदान किया गया। मुख्य अतिथि ने मंच से ही 35,000 रुपये की धनराशि वधुओं के खाते में हस्तांतरित की।
मुख्यमंत्री योजना का लाभ, समाज में जागरूकता
मुख्य अतिथि सपना सिंह ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब, मजदूर और असहाय परिवारों के लिए एक कल्याणकारी योजना है, जिससे हजारों बेटियों के हाथ पीले हो चुके हैं। इस योजना के माध्यम से समाज में दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने में मदद मिल रही है। उन्होंने ससुराल पक्ष से आग्रह किया कि वे बहू को बेटी की तरह अपनाएं।
योजना की प्रमुख बातें
मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत कुल 51,000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है:
- 35,000 रुपये वधु के बैंक खाते में
- 10,000 रुपये उपहार स्वरूप
- 6,000 रुपये विवाह समारोह के आयोजन के लिए
इस योजना का लाभ वही परिवार ले सकते हैं जो गरीबी रेखा से नीचे (BPL) जीवन यापन कर रहे हैं, और जिनमें लड़के की उम्र 21 वर्ष एवं लड़की की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक हो।
जनप्रतिनिधियों ने दी शुभकामनाएं
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने कहा कि यह सामूहिक विवाह कार्यक्रम बेटियों को बोझ समझने की मानसिकता पर एक प्रहार है। उन्होंने मुख्यमंत्री की प्रेरणा से इस योजना को समाज के लिए महत्वपूर्ण बताया।परियोजना निदेशक राजेश यादव ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और नवविवाहित जोड़ों को उनके सुखी वैवाहिक जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख हस्तियां
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह, मंत्री ओमप्रकाश राजभर के प्रतिनिधि सुरेश राम, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज, उपजिलाधिकारी सदर मनोज पाठक, जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव, जिला अल्पसंख्यक अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस कार्यक्रम ने न केवल 225 जोड़ों के जीवन की नई शुरुआत की, बल्कि समाज में दहेज प्रथा और बेटियों को बोझ मानने की मानसिकता को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी बढ़ाया।