गाजीपुर। जनपद में 1 अप्रैल 2025 से 30 अप्रैल 2025 तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह मनाया जाएगा। इसी दौरान 10 अप्रैल से 30 अप्रैल तक दस्तक अभियान भी संचालित होगा। अभियान की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रथम अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और अभियान की कार्ययोजना पर विचार-विमर्श किया।
संचारी रोगों और लू से बचाव पर विशेष जोर
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि डेंगू, मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, कालाजार, फाइलेरिया और लू से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से पूरे अप्रैल माह अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास विभाग को निर्देश दिया कि साफ-सफाई, लार्वीसाइडल स्प्रे, फॉगिंग, खराब हैंडपंप की मरम्मत और जलभराव की रोकथाम जैसे आवश्यक कार्य सुनिश्चित कराएं। नगर पालिका और नगर पंचायत को निर्देश दिया गया कि झुग्गी-झोपड़ी और स्लम क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
10 से 30 अप्रैल तक चलेगा दस्तक अभियान
मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि दस्तक अभियान के अंतर्गत आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया सहित संचारी रोगों के प्रति जागरूक करेंगी। इस दौरान लक्षणयुक्त व्यक्तियों का नाम, पता और मोबाइल नंबर सहित सभी विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। दस्तक अभियान में बुखार, आईएलआई (इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस), टीबी, कुष्ठ, फाइलेरिया और कालाजार जैसे रोगों के लक्षणयुक्त मरीजों की पहचान पर जोर दिया जाएगा।
माइक्रोप्लान के तहत प्रचार-प्रसार होगा तेज
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील पाण्डेय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग, नगर विकास, पंचायती राज, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, दिव्यांगजन कल्याण, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित सभी संबंधित विभाग समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएंगे। आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर भ्रमण कर लोगों को संक्रमण से बचाव और बुखार होने पर “क्या करें, क्या न करें” की जानकारी बैनर, पोस्टर और होर्डिंग्स के माध्यम से देंगी।
सतर्कता और बचाव के लिए सुझाव
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि सभी नागरिकों को अपने घर और आसपास सफाई बनाए रखनी चाहिए। जलभराव न होने दें और कूलर, फ्रिज की ट्रे, गमले, बाल्टी, टंकी आदि का पानी नियमित रूप से बदलते रहें। रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल या लार्वा नाशक रसायन डालें। मच्छरदानी का प्रयोग करें और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। बुखार की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह लें।
जन जागरूकता का संदेश
अभियान के दौरान “हर रविवार मच्छर पर वार, लार्वा पर प्रहार” और “जल जमाव होगा जहां, मच्छर पैदा होंगे वहां” जैसे संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा।
अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में अपर जिलाधिकारी भू.रा. आयुष चौधरी, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील कुमार पाण्डेय, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज आनंद मिश्रा, समस्त खंड विकास अधिकारी, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओ, डीपीआरओ अंशुल मौर्य, डीपीओ (आईसीडीएस), जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर निकाय और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।