
गाजीपुर। स्थानीय स्टेशन बाजार स्थित हिंदू स्नातकोत्तर महाविद्यालय, जमानियां, गाजीपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) द्वारा संचालित विशेष शिविर के चौथे दिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। शिविर का आरंभ प्रातः प्रार्थना के उपरांत योग प्रशिक्षक व परामर्श चिकित्सक डॉ. विजय श्याम पांडेय द्वारा सूर्य नमस्कार, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी और ताड़ासन का अभ्यास कराकर हुआ। इसके बाद शिविरार्थियों ने महाविद्यालय परिसर की सफाई की।
स्वच्छता और नशामुक्ति अभियान
इकाई द्वितीय के शिविरार्थियों ने लाइब्रेरी परिसर और विज्ञान भवन की सफाई की, जबकि इकाई प्रथम के स्वयंसेवकों ने जमानियां स्टेशन स्थित मलिन बस्तियों में जाकर नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाया।
एचआईवी एड्स पर जागरूकता सत्र
कार्यक्रम की मुख्य कड़ी में जमानियां बरुईन मोड़ स्थित सीएचसी से पधारे डॉ. सचिन सेठ ने शिविरार्थियों को एचआईवी एड्स से जुड़े प्रश्नों पर गंभीर चर्चा की। उन्होंने कहा कि एचआईवी एड्स, मानव प्रतिरक्षा न्यूनता विषाणु (एचआईवी) के कारण होने वाला एक गंभीर रोग है, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है। यह संक्रमण असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त के संपर्क में आने या संक्रमित माँ से बच्चे में फैल सकता है। बचाव के लिए सुरक्षित यौन संबंध बनाना, सुइयों का साझा न करना और संक्रमित रक्त से दूर रहना आवश्यक है। डॉ. सेठ ने शिविरार्थियों के प्रश्नों का उत्तर भी दिया।
ओरल हेल्थ और नि:शुल्क कैंप की घोषणा
कार्यक्रम के अगले सत्र में डॉ. सचिन सेठ ने ओरल हेल्थ से जुड़े सवालों पर शिविरार्थियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। उन्होंने मौखिक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खराब मौखिक स्वास्थ्य से हृदय रोग और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। इस दौरान उन्होंने महाविद्यालय परिसर में प्रत्येक माह नि:शुल्क ओरल हेल्थ कैंप लगाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए।
जल संरक्षण का महत्व समझाया
तीसरे सत्र में स्वास्थ्य मंत्रालय एवं भारत सरकार द्वारा संचालित एकात्म अभियान के तहत ट्रेनर मिथिलेश कुमार यादव ने शिविरार्थियों को जल संरक्षण के महत्व पर जानकारी दी और उन्हें एकात्म ध्यान का अभ्यास कराया।
वरिष्ठ आचार्य ने स्वास्थ्य और अनुशासन पर दिया प्रेरक संदेश
महाविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य प्रो. अखिलेश कुमार शर्मा शास्त्री ने शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मौखिक स्वास्थ्य सिर्फ दांतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे शरीर के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि अगर मुंह में कोई संक्रमण है, तो रक्त प्रवाह के माध्यम से बैक्टीरिया शरीर के अन्य हिस्सों में पहुंचकर हृदय रोग और अन्य गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है। प्रो. शर्मा ने युवाओं को अनुशासन, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि आत्म-अनुशासन ही जीवन में सफलता की कुंजी है। उन्होंने शिविरार्थियों से आह्वान किया कि वे समाज में स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाएं और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें।
कार्यक्रम अधिकारी अभिषेक तिवारी का प्रेरक संदेश
कार्यक्रम के सफल संचालन के दौरान डॉ. अभिषेक तिवारी ने अपने प्रभावी संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य सिर्फ सेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को जागृत करता है। उन्होंने शिविरार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि समाज में बदलाव तभी संभव है जब युवा पीढ़ी स्वयं आगे बढ़कर जिम्मेदारी ले। डॉ. तिवारी ने कहा कि स्वच्छता, स्वास्थ्य और जागरूकता से जुड़ी छोटी-छोटी पहलें समाज में बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
कार्यक्रम का समापन और आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. अभिषेक तिवारी ने किया और आभार व्यक्त आईक्यूएसी प्रभारी प्रो. डॉ. अरुण कुमार ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह, विनय सिंह सहित स्वयंसेवक और सेविकाएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रीय सेवा योजना के गीत और राष्ट्रगान के साथ हुआ।