गाजीपुर। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत उद्यान विभाग गाजीपुर द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र, पीजी कॉलेज में दो दिवसीय गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पान की उन्नत खेती को बढ़ावा देना और किसानों को इसकी आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना था।
गोष्ठी की शुरुआत जिला उद्यान अधिकारी आशीष कुमार ने अतिथियों एवं अधिकारियों के स्वागत के साथ की। उपनिदेशक कृषि अतिंद्र सिंह ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि गाजीपुर जनपद में पान की खेती की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने किसानों को आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर अधिक आय अर्जित करने की सलाह दी। साथ ही, उन्होंने सभी से अनुरोध किया कि गेहूं की फसल तैयार होने के दौरान खेतों में जलती हुई बीड़ी, सिगरेट, माचिस की तिल्ली या अन्य ज्वलनशील पदार्थ न फेंकें, जिससे आग लगने की संभावना बनी रहती है और फसलों एवं पशुओं को भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र अंकुशपुर के वैज्ञानिक डॉ. शशांक सिंह ने पान की खेती की विस्तृत जानकारी दी। वहीं, वैज्ञानिक डॉ. ओंकार सिंह ने किसानों के प्रश्नों के उत्तर देते हुए पान की खेती में आने वाली समस्याओं, रोगों और उनके निदान के बारे में चर्चा की। वैज्ञानिक डॉ. रागिनी दुबे ने महिलाओं को पान की खेती में आगे आने और इसकी तकनीकों एवं संरक्षण के तरीकों को अपनाने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (मत्स्य) सपना पुरी, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. विनोद सिंह, डॉ. धर्मेंद्र सिंह, डॉ. कपिल देव शर्मा, उद्यान निरीक्षक संजय सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन अनूप राय ने किया।