रेवतीपुर। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत बिहार को जोड़ने वाले ताड़ीघाट-बारा हाईवे के किनारे यात्रियों की सहूलियत के लिए छह अलग-अलग स्थानों पर यात्री प्रतीक्षालयों का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। करीब 30 लाख रुपये की लागत से बन रहे इन प्रतीक्षालयों को लेकर शासन ने एक माह पूर्व स्वीकृति प्रदान की थी, जिसके बाद क्षेत्र पंचायत निधि से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत प्रत्येक प्रतीक्षालय की अनुमानित लागत पांच लाख रुपये निर्धारित की गई है। प्रतीक्षालयों में यात्रियों के बैठने के लिए बेंच, टाईलीकरण, रंगरोगन और प्रकाश की व्यवस्था के लिए विद्युतीकरण जैसे सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अधिकारियों की मानें तो निर्माण कार्य को एक माह के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य तय किया गया है, और गुणवत्ता को लेकर अधिकारीगण लगातार निगरानी कर रहे हैं।
बनने वाले प्रतीक्षालयों में से अब तक सुहवल और उतरौली गांव के समीप दो प्रतीक्षालयों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, हालांकि अभी इनमें विद्युतीकरण की प्रक्रिया शेष है। अन्य चार गांवों – मेदनीपुर, डेढ़गांवा, रेवतीपुर और नवली – में भी कार्य तेजी से प्रगति पर है। खंड विकास अधिकारी जमालुद्दीन खां ने बताया कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में एक नई पहल है। अब तक इस प्रकार की योजनाएं केवल शहरी और कस्बाई इलाकों तक ही सीमित थीं, लेकिन अब इन्हें राजमार्गों तक विस्तार दिया जा रहा है।
गौरतलब है कि इन प्रतीक्षालयों को यात्रियों के लिए अधिक आकर्षक और सुरक्षित बनाने हेतु रेडियम युक्त सूचना पट्टिकाएं भी लगाई जाएंगी, जिससे बस चालकों को प्रतीक्षालय में यात्रियों की उपस्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई दे सके। यह योजना न केवल यात्रियों को मौसम की मार से बचाएगी, बल्कि सड़क किनारे सुरक्षित और सुविधाजनक ठहराव भी सुनिश्चित करेगी।