रेवतीपुर। सोनवल गाँव स्थित हनुमान मन्दिर परिसर में चल रहे सात दिवसीय संगीतमय रामकथा सत्संग का बुधवार को भव्य समापन हो गया। समापन अवसर पर नवनिर्मित दुर्गा मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा को लेकर ग्रामीणों द्वारा विशाल एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
यह शोभायात्रा गाँव के विभिन्न गली-मोहल्लों व मार्गों से होते हुए नवनिर्मित दुर्गा मंदिर तक पहुँची। वहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिपूर्वक दुर्गा प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न की गई। शोभायात्रा के दौरान डीजे की भक्ति धुनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते और जयघोष करते हुए श्रद्धा में लीन दिखे। पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।
आयोजन के अंतिम दिन एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें दर्जनों गाँवों से आए सैकड़ों महिला-पुरुषों और बच्चों ने प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालुओं ने आयोजन में सम्मिलित होकर स्वयं को धन्य अनुभव किया।
रामकथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं को कथा का रसपान कराते हुए कथा वाचक धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में व्याप्त बुराइयों को समाप्त करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि राम नाम के जाप से सभी कष्टों का निवारण संभव है। रामकथा सुनने से अनेकों जन्मों के पाप नष्ट होते हैं और मनुष्य को पुण्य फल की प्राप्ति होती है।
उन्होंने यह भी कहा कि रामकथा सनातन संस्कृति की रक्षा का माध्यम है। संत सेवा, गौ सेवा और सत्संग के जरिए समाज में बेहतर संस्कारों का निर्माण किया जा सकता है।
वहीं, उपेंद्र महाराज ने अपने प्रवचन में कहा कि प्रभु श्रीराम ने जीवन की प्रत्येक लीला में धर्म की मर्यादा का पालन करते हुए संयम, सदाचार और मर्यादा की शिक्षा दी है। शास्त्रों के अनुसार जीवन जीने से ही परमात्मा की प्राप्ति संभव है।
इस अवसर पर दीपक सिंह, लल्लन कुशवाहा, आरती, शैलेन्द्र सिंह, अवधेश, सत्यप्रकाश, ग्राम प्रधान आशुतोष मौर्या, रामनिवास, रामसिरिश, विजेंद्र, त्रिलोकी, अशोक सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।