गाजीपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में “पीएम सूर्य घर योजना” की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग को निर्देशित किया कि अधिक से अधिक वेंडर बढ़ाए जाएं और पोर्टल के माध्यम से प्राप्त आवेदनों को शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाया जाए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पीएम सूर्य घर योजना, जिसे ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के नाम से भी जाना जाता है, केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसके तहत घरों की छतों पर सब्सिडी युक्त सौर पैनल स्थापित कर मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी। योजना का उद्देश्य सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और घरेलू बिजली खर्च में कमी लाना है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत सरकार एक किलोवाट क्षमता वाले सौर पैनल पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये और तीन या उससे अधिक किलोवाट के सौर पैनल पर 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी प्रदान कर रही है। इससे क्रमशः 0-150, 150-300 और 300 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन संभव होगा।
जिलाधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास घर होना चाहिए, जिसकी छत सौर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त हो, और उसके पास वैध बिजली कनेक्शन भी अनिवार्य है। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और इसके लिए उपभोक्ता को पोर्टल पर मोबाइल नंबर, नाम, राज्य, जिला, बिजली वितरण कंपनी का नाम, उपभोक्ता खाता संख्या, बिजली बिल की प्रति और रूफटॉप की तस्वीर जैसी जानकारियां अपलोड करनी होंगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में एक करोड़ घरों पर सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की घोषणा की है, जिससे देश में बिजली की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। साथ ही, अंतरिम बजट में हर माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने की भी घोषणा की गई है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, विद्युत विभाग के अधिकारीगण, पीओ नेडा और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।