वाराणसी। 91 यूपी बटालियन एनसीसी (ग्रुप ए) के तत्वावधान में स्वामी हरसेवानंद पब्लिक स्कूल, वाराणसी में आयोजित 10 दिवसीय संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (Combined Annual Training Camp) सफलता पूर्वक संपन्न हो गया। 15 मई से 24 मई 2025 तक चले इस शिविर में 500 से अधिक एनसीसी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और बहुआयामी प्रशिक्षण प्राप्त किया।
शिविर का शुभारंभ 91 UP BN के कमान अधिकारी कर्नल अमर सिंह के जोशीले और मार्गदर्शक प्रेरणादायक संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा, “एनसीसी युवाओं के लिए एक ऐसा मंच है जो उन्हें न केवल अनुशासित नागरिक बनाता है, बल्कि उनमें नेतृत्व, साहस और सेवा की भावना भी विकसित करता है। यह शिविर केवल सैन्य प्रशिक्षण नहीं, बल्कि जीवन निर्माण की प्रयोगशाला है।” उनके उद्बोधन ने कैडेट्स को पूरे शिविर के दौरान उत्कृष्टता के लिए प्रेरित किया।शिविर में कैडेट्स को कचरा प्रबंधन, आपदा प्रतिक्रिया, सशस्त्र बलों में करियर विकल्प, तथा एसएसबी इंटरव्यू की तैयारी जैसे विषयों पर विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान किया गया। ड्रिल, फायरिंग, शारीरिक फिटनेस, और मानसिक सुदृढ़ता पर केंद्रित अभ्यासों ने शिविर को और प्रभावशाली बनाया।
समापन सत्र में ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर कुलबीर सिंह के प्रेरणात्मक वार्ता ने समस्त कैडेट्स को जोशपूर्ण कर दिया। उन्होंने कहा, “एनसीसी सिर्फ एक संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। जो युवा एनसीसी की आग से तपते हैं, वे देश की रीढ़ बनते हैं। ऊँचे सपने देखो, और उन्हें साकार करने की शक्ति अपने भीतर पैदा करो। यही एनसीसी की सच्ची भावना है।” उनकी वाणी ने कैडेट्स में देशसेवा और समर्पण की गहरी भावना को जागृत किया। शिविर के दौरान राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और सेना भर्ती कार्यालय की टीमों ने कैडेट्स को संकट प्रबंधन, टीम वर्क, संचार कौशल, रचनात्मक सोच, और सार्वजनिक भाषण तकनीकों से भी परिचित कराया। कैडेट्स ने इन सत्रों को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणास्पद बताया।शिविर में प्रतिदिन प्रातः योग सत्रों का आयोजन किया गया, जिसमें कैडेट्स ने तन-मन को संतुलित करने की कला सीखी। योग अभ्यास ने न केवल शारीरिक स्फूर्ति प्रदान की, बल्कि मानसिक एकाग्रता और आत्मअनुशासन को भी मजबूती दी। प्रशिक्षकों द्वारा प्राणायाम, ध्यान और विभिन्न योगासन सिखाए गए। यह अनुभव कैडेट्स के सम्पूर्ण विकास में एक अहम भूमिका निभाता रहा।








शिविर का समापन एक भव्य सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ, जिसमें कैडेट्स ने देशभक्ति गीतों, नृत्यों, नाट्य प्रस्तुतियों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया। इस सांस्कृतिक संध्या ने पूरे शिविर को उत्साह, ऊर्जा और गौरव के रंगों से सराबोर कर दिया। एनसीसी के इस प्रकार के प्रशिक्षण शिविर न केवल युवाओं को फौजी अनुशासन सिखाते हैं, बल्कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में सक्षम और सजग नागरिक बनने की प्रेरणा भी देते हैं। यह शिविर राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और नेतृत्व के आदर्श मूल्यों का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा। निःसंदेह, एनसीसी के ये कैंप्स भविष्य के भारत को गढ़ने की प्रयोगशालाएं हैं—जहां हर कैडेट अपने भीतर छिपे वीर और नेतृत्वकर्ता को पहचानता है। इस भव्य आयोजन ने यह सिद्ध किया कि एनसीसी के कैंप्स सिर्फ प्रशिक्षण केंद्र नहीं, बल्कि भविष्य के कर्णधारों की कार्यशाला हैं—जहां नेतृत्व, सेवा और समर्पण की भावना को आकार मिलता है।उक्त शिविर में बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल अमर सिंह समेत एसएम तेज बहादुर गुरुंग, निजी प्रशिक्षकों में सूबेदार भूपेंद्र सिंह, सूबेदार कुलदीप कुजूर, सूबेदार चंद्रशेखर, नायब सूबेदार मिलन थापा, नायब सूबेदार सूखचैन सिंह, बीएचएम भरत बहादुर पुन, हवलदार संजय कुशवाहा, हवलदार ओम गुरुंग , हवलदार बिशाल तमांग, हवलदार मोबिन आलम, हवलदार चुरा गहा, हवलदार दीपेंद्र रामजी, हवलदार इंद्रमान दीवान, हवलदार रामाशीष कुमार, हवलदार भवन सिंह की उपस्थिति प्रमुख रही।