गाजीपुर। माननीय राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में आज जनपद न्यायालय गाजीपुर के दसकक्षीय सभागार में “11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस” हर्षोल्लास से मनाया गया। इस वर्ष योग दिवस की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” रही, जिसका उद्देश्य समग्र स्वास्थ्य और वैश्विक एकता को बढ़ावा देना रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश श्री धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर) ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि, “योग भारतीय संस्कृति और जड़ों से जुड़ा हुआ है। यह न केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का साधन है, बल्कि दीर्घायु और सुखद जीवन का मार्ग भी है। वर्ष का सबसे लंबा दिन 21 जून योग के महत्व को और भी गहराई देता है।”
इस योग कार्यक्रम में कई वरिष्ठ न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति रही जिसमें संजय हरी शुक्ला, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण अली रजा, विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट नूतन द्विवेदी, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दीपेन्द्र कुमार गुप्ता, अपर सिविल जज (सीडी) हार्दिक सिंह, प्रधान मजिस्ट्रेट, किशोर न्याय बोर्ड अनंत कुमार, प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मेहनाज खान व श्वेता नैन, अपर सिविल जज (जूडि.) इसके अतिरिक्त अधिवक्तागण व न्यायालय के कर्मचारीगण ने भी योग शिविर में भाग लिया और योग के महत्व को आत्मसात किया।
जिला कारागार गाजीपुर में भी मनाया गया योग दिवस
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला कारागार गाजीपुर में भी विशेष योग शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जेल अधीक्षक, योग प्रशिक्षक एवं PLV (पैरा लीगल वॉलंटियर्स) की उपस्थिति में निरुद्ध बंदियों को योगाभ्यास कराया गया। बंदियों ने पद्मासन, ताड़ासन, वज्रासन, शवासन आदि योग मुद्राओं का अभ्यास किया और मानसिक शांति एवं स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया। जेल कर्मियों और अधिकारियों ने भी इस आयोजन में सक्रिय भागीदारी की। निष्कर्षतः, गाजीपुर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस न केवल एक उत्सव के रूप में मनाया गया, बल्कि समाज के हर वर्ग को योग से जोड़ने का एक प्रभावी प्रयास भी सिद्ध हुआ।