वाराणसी। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 11वें संस्करण पर शुक्रवार को वाराणसी के प्रतिष्ठित नमो घाट पर 91 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कैडेट्स, अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों ने सामूहिक योगाभ्यास कर इस वर्ष की थीम ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ के संदेश को सशक्त रूप से प्रस्तुत किया। सुबह-सुबह गंगा तट पर आयोजित इस आयोजन में दर्जनों एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन, समर्पण और जोश के साथ विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास किया। इस आयोजन का उद्देश्य कैडेट्स के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना, जीवन में अनुशासन और एकता को बढ़ावा देना रहा।

योग: आंतरिक शक्ति और आत्म-संयम का माध्यम
योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का उपाय नहीं है, बल्कि यह आंतरिक शक्ति, आत्म-संयम और सकारात्मक दृष्टिकोण को विकसित करने की प्रक्रिया है। 91 यूपी बटालियन के कैडेट्स ने योग के माध्यम से न केवल स्वयं को सशक्त बनाने का संकल्प लिया, बल्कि समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने का भी संदेश दिया। 91 यूपी बटालियन के कमान अधिकारी कर्नल अमर सिंह ने कहा, “एनसीसी कैडेट्स देश के भविष्य हैं। योग के माध्यम से हम उनमें अनुशासन, समर्पण और मानसिक दृढ़ता विकसित कर रहे हैं। ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ की थीम आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक है, जो हमें न केवल स्वयं के स्वास्थ्य की चिंता करने बल्कि समूचे समाज और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील रहने की प्रेरणा देती है। आगे उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का उदाहरण देते हुए कहा कि, प्रधानमंत्री जी द्वारा आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में योग दिवस समारोह का नेतृत्व करते हुए बताया गया कि योग आज वैश्विक एकता और स्वास्थ्य का प्रतीक बन चुका है। यह न केवल भारत की विरासत है, बल्कि पूरी दुनिया को जोड़ने वाला सेतु भी है। उनके साथ हजारों लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया।

वसुधैव कुटुम्बकम की जीवंत तस्वीर
नमो घाट पर 91 यूपी बटालियन एनसीसी द्वारा आयोजित यह योग कार्यक्रम भारतीय संस्कृति के ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना को दर्शाता है। योग के माध्यम से कैडेट्स ने न केवल अपने भीतर संतुलन स्थापित किया, बल्कि पूरे समाज को एकता, स्वास्थ्य और जागरूकता का संदेश दिया। वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित यह कार्यक्रम 91 यूपी बटालियन एनसीसी की उत्कृष्ट संगठन क्षमता, अनुशासन और समाज के प्रति समर्पण का परिचायक रहा। ऐसे आयोजन निश्चित रूप से न केवल युवाओं के सर्वांगीण विकास में सहायक हैं, बल्कि भारत को एक स्वस्थ, एकजुट और जागरूक राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

