Skip to content
City Super Fast News

City Super Fast News

Your Voice…

Primary Menu

चूहे से फैलने वाले संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर कृषि विभाग हुआ सक्रिय

ब्यूरो 27-06-2025

हमारे पोस्ट को करें:

  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Tumblr (Opens in new window) Tumblr
  • Share on Pinterest (Opens in new window) Pinterest
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
CSF-Logo-500x280

गाजीपुर। संचारी रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर गाजीपुर में कृषि विभाग द्वारा बड़े पैमाने पर तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 25 जून 2025 को कृषि भवन सभागार में किया गया, जिसमें विभाग के सभी क्षेत्रीय कार्मिकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उप कृषि निदेशक विजय कुमार ने बताया कि विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी 01 जुलाई से 31 जुलाई 2025 तक द्वितीय चरण के तहत संचारी रोगों की रोकथाम हेतु विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि चूहे एवं छछूदर संचारी रोगों के प्रमुख कारक हैं और इनके प्रभावी नियंत्रण के लिए कृषक समुदाय की सहभागिता अत्यंत आवश्यक है।

चूहों-छछूदरों से निपटने के उपाय बताए गए

प्रशिक्षण में बताया गया कि चूहों के नियंत्रण के लिए निम्न उपायों का पालन किया जाए:

ब्रोमोडियोलॉन 0.005% युक्त चारे की 10 ग्राम मात्रा या

जिंक फास्फाइड (80%) की 1 ग्राम मात्रा को 48 ग्राम भूने चने में सरसों के तेल के साथ मिलाकर चारा तैयार करें और उसे बिलों में रखें। इसके अतिरिक्त एल्यूमिनियम फास्फाइड (56%) की 3-4 ग्राम मात्रा को चूहे के बिल में डालकर बिल को बंद करें। इससे निकलने वाली फॉस्फीन गैस से चूहे मर जाते हैं।

पौधरोपण से मच्छर व रोग नियंत्रण की अपील

कार्यक्रम में क्षेत्रीय कर्मचारियों से अपील की गई कि वे न्याय पंचायत स्तर पर छोटी गोष्ठियों का आयोजन करें और किसानों को लेवेंडर, नीम, तुलसी, लेमनग्रास और गेंदा जैसे मच्छररोधी पौधों के रोपण के लिए प्रेरित करें।

वैज्ञानिकों ने दिए अहम सुझाव

प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कृषि वैज्ञानिक डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि चूहों और छछूदरों की आदतों की जानकारी होने पर किसान न केवल अपनी फसलों बल्कि अपने स्वास्थ्य की भी रक्षा कर सकते हैं।
डॉ. ओमकार सिंह ने सुझाव दिया कि किसान अपने अनाज भंडारण के लिए लोहे की बखारी का प्रयोग करें जिससे चूहों/छछूदरों का प्रभावी नियंत्रण संभव हो सके।

अधिकारी भी रहे मौजूद

कार्यक्रम में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सचिन कुमार मिश्रा, वरिष्ठ प्राविधिक सहायक राजनाथ सिंह यादव, अशोक कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने संचारी रोगों की रोकथाम और जनजागरूकता बढ़ाने के लिए अपने-अपने सुझाव साझा किए। कृषि विभाग का यह प्रयास न केवल फसल की रक्षा करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले रोगों के प्रसार को भी प्रभावी रूप से रोकने में सहायक सिद्ध होगा।

संबंधित समाचार

Post navigation

Previous: ईवीएम गोदाम का जिलाधिकारी ने किया त्रैमासिक निरीक्षण, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
Next: कीटनाशक विक्रेताओं के लिए निर्देश, नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई

हो सकता है आप चूक गए हों

8b75abc6-59e7-4ad5-b19c-c74460a4f176

अवैध तमंचा और कारतूस के साथ शातिर अभियुक्त गिरफ्तार

ब्यूरो 28-07-2026
17ea3dcc-bf1b-431d-8d52-bd15439e6b69

विक्षिप्त युवक को गहमर पुलिस ने सकुशल परिजनों से मिलाया

ब्यूरो 28-07-2026
655a334d-38c7-457b-8fdd-33fca9ada45d

दहेज हत्या का आरोपी गिरफ्तार, आलाकत्ल चाकू भी बरामद

ब्यूरो 28-07-2026
CSF-Logo-500x280

भोला बिंद हत्याकांड: तीसरे दिन भी पुलिस के हाथ खाली, बिहार तक दी जा रही दबिश

ब्यूरो 28-07-2026
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.