गाज़ीपुर। भारत सरकार के निर्देशों के क्रम में चल रहे आवास प्लस-2024 सेल्फ सर्वे कार्य में गाजीपुर जनपद के कई विकास खंडों की प्रगति अत्यंत निराशाजनक पाई गई है। जिला स्तर पर इस सर्वे का औसत 28.39 प्रतिशत रहा, जबकि सादात, जखनियां, मरदह, जमानियां, मनिहारी, सैदपुर और देवकली विकास खंडों की प्रगति औसत से भी कम दर्ज की गई है। वहीं, इन खंडों में “चेकर प्रगति” शून्य रही है। इससे स्पष्ट होता है कि संबंधित खंड विकास अधिकारियों द्वारा सर्वेयर से सत्यापन (वेरिफिकेशन) कराने में घोर लापरवाही बरती गई। आरोप है कि इन अधिकारियों ने न तो अपेक्षित सूची प्रस्तुत की और न ही सर्वेयर से समुचित सत्यापन कार्य करवाया, जिससे जनपद की समग्र प्रगति प्रभावित हुई है। इस लापरवाही पर गंभीर नाराजगी व्यक्त करते हुए ग्राम्य विकास आयुक्त, उत्तर प्रदेश लखनऊ ने 26 जून को फोन के माध्यम से असंतोष जताया। इसके बाद परियोजना निदेशक राजेश यादव ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित खंड विकास अधिकारियों —
सादात के भीमराव प्रसाद
जखनियां के संजय कुमार गुप्ता
मरदह के कौष्तुभ मणि पाठक
जमानियां के बृजेश अस्थाना
मनिहारी के अरविंद कुमार यादव
सैदपुर के धर्मेंद्र कुमार यादव
देवकली के जमालुद्दीन
के वेतन को तत्काल प्रभाव से बाधित करने का निर्देश दिया है।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि समयबद्ध तरीके से प्रगति नहीं दिखाई गई, तो आगे और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।