जमानिया(गाजीपुर)। दूसरों पर भरोसा करना एक व्यक्ति को भारी पड़ गया। जमानिया क्षेत्र के पटखौलिया बाजार निवासी अब्दुल बाकी अंसारी ने अपने बचपन के दोस्त पर दुकान दिलाने के नाम पर 22 लाख 68 हजार रुपये ठगने और फिर मारपीट करने का गंभीर आरोप लगाया है। न्याय न मिलने पर उन्होंने अब अदालत की शरण ली है।
पीड़ित अब्दुल बाकी ने बताया कि वर्ष 2014 में उनके पुराने मित्र मोहम्मद हसन अंसारी ने पटखौलिया बाजार में एक दुकान खरीदने के लिए आर्थिक मदद मांगी थी। भरोसे के चलते उन्होंने वर्ष 2014 में 6.79 लाख रुपये नकद और 2015 में पांच लाख रुपये बैंक ट्रांसफर के माध्यम से दिए। इसके बाद 2016 और 2018 में भी समय-समय पर रकम दी गई। कुल मिलाकर अब्दुल बाकी ने 22 लाख 68 हजार रुपये मोहम्मद हसन को दिए। हसन ने यह भरोसा दिलाया था कि पहले वह दुकान अपने नाम रजिस्ट्री कराएगा और फिर उसे अब्दुल बाकी के नाम ट्रांसफर कर देगा। लेकिन वर्षों बीत जाने के बावजूद न तो दुकान की रजिस्ट्री कराई गई और न ही रकम लौटाई गई।
13 नवंबर 2021 को पंचों के सामने एक लिखित सुलहनामा हुआ, जिसमें मोहम्मद हसन ने पैसे लौटाने की बात मानी, लेकिन इसके बाद भी रकम नहीं लौटाई। अंततः 2 फरवरी 2025 को जब अब्दुल बाकी पैसे मांगने दुकान पर पहुंचे तो मोहम्मद हसन और उसके बेटे शाहिद हसन व साजिद हसन ने उन्हें गालियां दीं और लात-घूंसे से पीटा। पीड़ित को जान से मारने की धमकी भी दी गई। हंगामा सुनकर मोहल्ले के लोग — विभूति यादव, भोला और पीड़ित के भाई डॉ. अब्दुल खालिक — मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर पीड़ित को बचाया।
पीड़ित ने मामले की शिकायत कोतवाली में दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को भी रजिस्टर्ड डाक से प्रार्थना पत्र भेजा, परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंततः थक-हार कर उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। इस मामले में प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने जानकारी दी कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर अब मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच की जा रही है।