जमानिया (गाजीपुर)। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत स्टेशन बाजार स्थित सिंचाई विभाग की नहर कॉलोनी के पास सोमवार शाम करीब 4:30 बजे एक दर्दनाक हादसा हो गया। नहर में डूबने की सूचना फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य में जुट गए। कई घंटों की मशक्कत के बाद देर रात करीब 11 बजे बालक का शव बरामद किया गया। घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, काशीराम आवास निवासी आठ वर्षीय अनुज शर्मा पुत्र जितेंद्र शर्मा ने नहर में एक बच्चे को डूबते देखा। बिना देरी किए मासूम अनुज ने बहादुरी का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना नहर में छलांग लगा दी और बच्चे को बचाने का प्रयास किया। हालांकि, तेज बहाव के कारण वह खुद भी डूबने लगा। उसी समय वहां से गुजर रहे एक राहगीर ने तत्परता दिखाते हुए अनुज को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन डूबते बच्चे को नहीं बचाया जा सका।
सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। पम्प कैनाल को तत्काल बंद कराकर सघन तलाशी अभियान चलाया गया। घटनास्थल के पास एक साइकिल और चप्पल मिलने के आधार पर डूबे बच्चे की पहचान 12 वर्षीय अरसद पुत्र इम्तियाज निवासी गांधी चौक, स्टेशन बाजार के रूप में हुई। परिजनों ने बहादुरपुर से लेकर काशीराम आवास पुलिया तक नहर में तलाश की। अंततः, रात करीब 11 बजे अरसद का शव सिंचाई विभाग की नहर कॉलोनी के सामने टूटे रिटर्निंग वॉल के पास फंसा मिला। शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पूरे मोहल्ले में मातम छा गया और परिजन रो-रोकर बेहाल हो गए। कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेजा गया है। साथ ही उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की कि वे बच्चों को नहर या जलस्रोतों के पास अकेले न जाने दें और सुरक्षा के उचित उपाय जरूर अपनाएं। यह घटना जहां एक ओर दर्दनाक है, वहीं आठ वर्षीय अनुज की साहसिकता ने सभी को भावुक कर दिया। उसकी बहादुरी के लिए क्षेत्र में उसकी खूब सराहना हो रही है।