गाजीपुर। उत्तर प्रदेश कोषागार निदेशालय ने समस्त मुख्य एवं वरिष्ठ कोषाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे पेंशन संबंधी अनियमितताओं को रोकने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि कुछ मामलों में पेंशनर या पारिवारिक पेंशनर की मृत्यु हो जाने के बावजूद उनके परिजनों द्वारा इसकी सूचना कोषागार को नहीं दी जाती, जिसके कारण पेंशन का भुगतान अनधिकृत रूप से जारी रहता है। इस संबंध में निदेशालय ने चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि पेंशनर/पारिवारिक पेंशनर की मृत्यु होने की स्थिति में कोषागार को सूचना नहीं दी जाती है और पेंशन जारी रहती है, तो बाद में प्राप्त जानकारी के आधार पर उस अनियमित भुगतान की वसूली की जाएगी। यह वसूली संबंधित बैंक या भू-राजस्व के बकाये के रूप में की जा सकती है।
वरिष्ठ कोषाधिकारी मंगलेश सिंह पालीवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि उपरोक्त निर्देशों के अनुपालन में गाजीपुर कोषागार द्वारा सभी पेंशनर एवं पारिवारिक पेंशनरों के परिजनों से अनुरोध किया गया है कि मृत्यु की स्थिति में तत्काल संबंधित कोषागार को मृत्यु प्रमाण-पत्र के साथ सूचित करें। उन्होंने कहा कि यह परिजनों का नैतिक एवं विधिक कर्तव्य है। यदि जानकारी छिपाई जाती है, तो भुगतान की गई राशि अनधिकृत मानी जाएगी, जिसकी वसूली कानूनी प्रक्रिया के तहत की जाएगी। कोषागार ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी स्थिति में पारदर्शिता बरतें, ताकि अनावश्यक कानूनी कार्यवाही से बचा जा सके।