गाजीपुर। वरिष्ठ कोषाधिकारी, गाजीपुर ने युनियन बैंक ऑफ इंडिया, महुआबाग के अग्रणी जिला बैंक अधिकारी/प्रबंधक को एक महत्वपूर्ण पत्र प्रेषित करते हुए समस्त बैंक शाखाओं को पेंशन संबंधी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। वित्त विभाग, उत्तर प्रदेश शासन, निदेशालय कोषागार एवं पेंशन निदेशालय लखनऊ द्वारा प्राप्त आदेशों के तहत स्पष्ट किया गया है कि कोषागार से पेंशन प्राप्त कर रहे किसी पेंशनभोगी की मृत्यु की सूचना मिलते ही संबंधित बैंक शाखा द्वारा तुरंत उस पेंशन खाते पर रोक लगाई जाए और कोषागार को पेंशनभोगी का नाम, मृत्यु तिथि तथा पेंशन खाता संख्या की सूचना दी जाए। मृत्यु की दशा में, यदि अधिक पेंशन का भुगतान हुआ है तो उसकी वसूली हेतु मांग पत्र तैयार किया जाए अथवा यदि अधिक भुगतान नहीं हुआ है, तो अनिवार्य रूप से कोषागार से एनओसी प्राप्त की जाए। इसके बिना किसी भी स्थिति में अंतिम भुगतान नहीं किया जाए। ऐसे मामलों में यदि नियमों का उल्लंघन होता है तो संबंधित शाखा प्रबंधक को उत्तरदायी माना जाएगा।
वरिष्ठ कोषाधिकारी ने यह भी निर्देशित किया है कि पेंशनभोगी के निधन के बाद यदि कोई अधिक भुगतान हुआ हो, तो उस पूरी धनराशि सहित उस पर अर्जित ब्याज की राशि वरिष्ठ कोषाधिकारी गाजीपुर के नाम से डिमांड ड्राफ्ट द्वारा तत्काल वापस भेजा जाए। यह ड्राफ्ट गाजीपुर की मुख्य शाखा पर देय हो और उस पर किसी प्रकार का कलेक्शन चार्ज न लगाया जाए।साथ ही मृतक के खाते की शेष धनराशि वारिसों को नियमानुसार भुगतान करने की प्रक्रिया बैंक को सुनिश्चित करनी होगी। डिमांड ड्राफ्ट के साथ मांग-पत्र की छायाप्रति संलग्न करना भी अनिवार्य किया गया है। कोषागार द्वारा स्पष्ट किया गया है कि पेंशन का भुगतान केवल एकल या पति-पत्नी के संयुक्त खाते में ही किया जाए। बैंक शाखा बदलने की स्थिति में पेंशनर को खाता विवरण और एनओसी के साथ कोषागार को तत्काल सूचित करना होगा, अन्यथा पेंशन बाधित होने की स्थिति में संबंधित शाखा प्रबंधक या पेंशनभोगी स्वयं जिम्मेदार होंगे।
पेंशनरों को एसएमएस के माध्यम से पेंशन क्रेडिट की जानकारी उपलब्ध कराना भी अब अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, वयोवृद्ध पेंशनभोगियों को एटीएम कार्ड जारी करने या पेंशन राशि पर ऋण देने से बचने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि मृत्यु के उपरांत किसी भी प्रकार का अतिरिक्त आहरण न हो सके। उल्लेखनीय है कि यह निर्देश राज्य के मा. वित्त मंत्री द्वारा दिनांक 06 मई 2025 को कोषागारों की कार्यप्रणाली की समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में जारी किए गए हैं। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने अंत में सभी बैंक शाखाओं से अपेक्षा की है कि वे इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करते हुए अपनी शाखाओं को समयबद्ध रूप से सूचित करें।