गाजीपुर। नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल योजना के अंतर्गत एक दिवसीय तिलहन मेला का आयोजन शुक्रवार को कृषि विज्ञान केंद्र, पी.जी. कॉलेज परिसर में किया गया। इस मेले की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद अध्यक्ष श्रीमती सरिता अग्रवाल ने की। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए श्रीमती अग्रवाल ने पारंपरिक खाद्यान्नों के स्थान पर तिलहन फसलों जैसे सरसों, तिल, अलसी, तोरिया आदि की खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि तिलहनी फसलें न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हैं बल्कि इनका बाजार मूल्य भी अधिक होता है, जिससे किसानों की आमदनी में वृद्धि होती है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर सरसों की पैदावार में वृद्धि होती है तो भारत को विदेशों से खाद्य तेल आयात नहीं करना पड़ेगा, जिससे देश के राजस्व में भी इजाफा होगा।
उप कृषि निदेशक ने किसानों को जानकारी देते हुए बताया कि वे 31 जुलाई तक अपनी धान और बाजरे की फसलों का बीमा अवश्य करा लें। साथ ही, उन्होंने विभागीय योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी किसानों को दी। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह ने किसानों को बीज उपचार की महत्ता समझाते हुए कहा कि तिलहनी फसलों की बुवाई से पहले बीज उपचार आवश्यक है ताकि उत्पादन अच्छा हो। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, अन्य विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की टीम भी मौके पर मौजूद थी। कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि श्रीमती सरिता अग्रवाल द्वारा किसानों को तिल, रागी, बाजरा एवं अरहर के निःशुल्क मिनीकीट वितरित किए गए, ताकि वे इन फसलों की खेती को अपनाएं और प्रेरित हों।जिला कृषि अधिकारी ने सभी आगंतुकों और किसानों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए तिलहन मेले के समापन की घोषणा की।