जमानिया, गाजीपुर। कोतवाली क्षेत्र के खिजिरपुर अलीनगर गांव में नमाज के दौरान हुए विवाद में जानलेवा हमले और हत्या की धमकी का मामला सामने आया है। गांव निवासी साजिद खां ने इस संबंध में अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, गाजीपुर की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर छह लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने गुरुवार को सभी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 25 मार्च 2025 की रात लगभग 8 बजे मोहल्ले की मस्जिद में इशा और तरावीह की नमाज अदा की जा रही थी। उसी दौरान कुछ बच्चे मस्जिद के बाहर शोर कर रहे थे। साजिद खां और उनके साथियों ने बच्चों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इसी बीच मोहल्ले के कादिर खान उर्फ गुड्डू ने गाली-गलौज शुरू कर दी।
आरोप है कि इसके बाद कादिर खान ने अपने साथियों रुस्तम खान, अबुल्लैस खान, मोहम्मद कैफ, मारूफ खान और तफसीर खान को लाठी-डंडा, चाकू और लाइसेंसी गन के साथ बुला लिया। सभी ने मिलकर साजिद व उसके साथियों पर हमला कर दिया। हमले में सलमान उर्फ रेहान का हाथ धारदार हथियार से कट गया, जबकि अहमद रज़ा को गंभीर चोटें आईं। तहरीर के अनुसार, हमले के दौरान अबुल्लैस खान ने अपनी लाइसेंसी बंदूक लहराकर जान से मारने की धमकी दी। साजिद का आरोप है कि घटना के बाद जब वे कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, तो उनकी शिकायत की अनदेखी कर उल्टे विपक्षियों की एफआईआर दर्ज कर ली गई। पीड़ितों की मेडिकल जांच भी अधूरी की गई — केवल अहमद रज़ा का मेडिकल कराया गया, जबकि घायल रेहान की जांच नहीं कराई गई और मामला शांति भंग की धारा में निपटा दिया गया।
साजिद का कहना है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक गाजीपुर से भी की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः न्याय के लिए उन्हें अदालत का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने न्यायालय से मांग की है कि थानाध्यक्ष को आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर उचित विधिक कार्रवाई का आदेश दिया जाए और घायल रेहान की चिकित्सकीय जांच कराई जाए। साजिद ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी अब भी बंदूक दिखाकर धमका रहे हैं, जिससे उनकी जान को खतरा बना हुआ है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार सिंह ने जानकारी दी कि न्यायालय के आदेश पर छह आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।