गाजीपुर। उत्तर प्रदेश गोसेवा आयोग, लखनऊ के माननीय सदस्य श्री रमाकान्त उपाध्याय का आज जनपद गाजीपुर का दौरा और गौशालाओं का निरीक्षण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। अपने भ्रमण के दौरान उन्होंने विकास खण्ड मरदह की कंसहरी गौशाला और विकास खण्ड सदर की आरटीआई गौशाला का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मा. सदस्य ने आरटीआई गौशाला में गौवंश की पूजा कर उन्हें गुड़ खिलाया तथा हरिशंकरी पौधों का वृक्षारोपण भी किया। उन्होंने पशुओं को दिए जा रहे हरे चारे, पानी, चोकर, चुन्नी, भूसा, गुड़, नमक और नियमित टीकाकरण की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि सरकार द्वारा अनुमन्य धनराशि के अनुसार सभी आवश्यक खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, जिससे गौवंश स्वस्थ रहें और सरकार की मंशा पूरी हो सके।
मा. उपाध्याय ने निर्देश दिया कि बीमार पशुओं का समय पर चिकित्सकीय परीक्षण कर उन्हें उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए गौशाला में अलग से एक शेड बनाया जाए ताकि बीमार पशु स्वस्थ पशुओं से अलग रखे जा सकें। उन्होंने गौशाला परिसर की नियमित साफ-सफाई पर भी बल दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गौशालाओं में नीम, पीपल, बरगद, पाकड़ और सहजन जैसे छायादार और उपयोगी पेड़ लगाए जाएं, जिससे पशुओं को छाया के साथ-साथ शुद्ध ऑक्सीजन और पर्याप्त हरा चारा मिल सके। मा. सदस्य ने मुख्यमंत्री जन सहभागिता योजना की जानकारी देते हुए कहा कि गौशालाओं को स्वयं सहायता समूहों और कुपोषित बच्चों के परिवारों से जोड़ा जाए, जिससे उन्हें भी योजना का लाभ मिल सके। इस योजना के माध्यम से किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि गोबर से बायोगैस तैयार कर घरेलू उपयोग में लाया जा सकता है और इसके लिए सरकार द्वारा सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। गोबर से खाद और गोमूत्र से जैविक उर्वरक तैयार कर बंजर भूमि में भी खेती संभव होगी। उन्होंने गाय के गोमूत्र, गोबर और दूध की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलता है। इस अवसर पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. सिंह, किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष श्री रुद्ध प्रताप सिंह समेत कई संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।