गाजीपुर। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एवं मासिक स्टाफ बैठक सीएम डैशबोर्ड दर्पण पर सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने परिवहन, वन विभाग, स्टांप, नगर पालिका, ऑडिट आपत्ति, चकबंदी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, अंश निर्धारण, मोटर देय, तथा आईजीआरएस से संबंधित मामलों की विस्तार से समीक्षा की। जिलाधिकारी ने वाणिज्य कर और खनन विभाग को राजस्व वसूली में तेजी लाने का निर्देश दिया और स्पष्ट कहा कि संबंधित अधिकारी अपने लक्ष्यों के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी।
आईजीआरएस की समीक्षा के दौरान उन्होंने सभी उपजिलाधिकारी और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध निस्तारण करते हुए शिकायतकर्ता से वार्ता की जाए। निस्तारण में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही की जाएगी और डिफाल्टर पाए जाने की स्थिति में अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे।इसके बाद सीएम डैशबोर्ड दर्पण पर जिलाधिकारी ने राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ लंबित एवं विवादित प्रकरणों, दाखिल-खारिज और विवादित वादों के शीघ्र निस्तारण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे कार्यक्रमों में सभी अधिकारी तत्परता दिखाएं ताकि आमजन को योजनाओं का लाभ सरलता से प्राप्त हो सके।
राजस्व वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने की बात करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों से धारा 24, 116, 80, 34, 33, 67 के लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने को कहा। विशेष रूप से धारा 34 के मामलों की सुनवाई व निष्पादन में तहसीलदार और नायब तहसीलदार को गंभीरता से कार्य करने तथा उपजिलाधिकारी को इसकी नियमित समीक्षा के निर्देश दिए। उन्होंने रियल टाइम खतौनी, वरासत, नक्शा दुरुस्तीकरण, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना, ऑनलाइन खसरा, भूमि बंधक, संग्रह शुल्क, ई-परवाना, अंश निर्धारण एवं अंश संशोधन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं की प्रगति की समीक्षा भी की और आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं पटल सहायक उपस्थित रहे।