गाजीपुर। जिलाधिकारी एवं जिला उप संचालक चकबन्दी श्री अविनाश कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में चकबन्दी कार्यों की गहन समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद गाजीपुर में चल रहे चकबन्दी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।
लंबित वादों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश
उप संचालक चकबन्दी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद के विभिन्न चकबन्दी न्यायालयों में कुल 5931 वाद विचाराधीन हैं, जिनमें से 1764 वाद ऐसे हैं जो 5 वर्ष से अधिक समय से लंबित हैं। इस पर जिलाधिकारी ने विशेष अभियान चलाकर या नियमित सुनवाई के माध्यम से इन वादों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।22 ग्रामों की चकबन्दी प्रक्रियाओं की समीक्षा
बैठक में वर्तमान में चकबन्दी प्रक्रियाधीन 22 ग्रामों की ग्रामवार समीक्षा की गई। इनमें विभिन्न ग्रामों में धारा-7 से लेकर धारा-52 के तहत चकबन्दी कार्य चल रहे हैं।
धारा-7: ताजपुर मांझा (प्रथम चक्र)
धारा-8: पहाड़पुर खुर्द, रूहीपुर, गोपीनाथपुर, जगदीशपुर, गन्नापुर
धारा-10: मुडियार, शेरपुर ढोटारी, मखदूमपुर
धारा-20: बेमुआं, भैरोपुर, तरांव (खानपुर), बधांव
धारा-24: हटवार मुरार सिंह, दशवन्तपुर, बद्धोपुर, तरांव (सैदपुर)
धारा-27/52: तिलसड़ा, मौधिया, दरवेपुर, सकरा, बबुरा
ग्राम दशवन्तपुर और हटवार मुरार सिंह में सीमांकन/कब्जा परिवर्तन की कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है, जबकि अन्य दो ग्रामों में यह प्रक्रिया जारी है।
निर्देश और लक्ष्य
चकबन्दी आयुक्त के निर्देशानुसार कब्जा परिवर्तन से जुड़े सभी ग्रामों में 15 जुलाई तक सीमांकन/कब्जा परिवर्तन की कार्यवाही पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए गए। इसके साथ ही 10 से 20 वर्ष पुराने ग्रामों (बबुरा व सकरा) में धारा-52 (1) का प्रस्ताव निदेशालय को भेजने तथा 30 वर्ष से अधिक पुराने ग्रामों में निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिये गये। वहीं, मा० उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश से प्रभावित ग्रामों तिलसड़ा और दरवेपुर के मामले में प्रभावी पैरवी कर स्थगन समाप्त कराने के निर्देश दिए गए।
जनसमस्याओं के समाधान पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनसमस्याओं के प्रति संवेदनशील रहें और राजस्व तथा पुलिस प्राधिकारियों से समन्वय बनाकर समस्याओं का त्वरित निस्तारण करें।
समीक्षा बैठक में उपस्थित अधिकारी
इस अवसर पर आयुष चौधरी (मुख्य राजस्व अधिकारी/उप संचालक चकबन्दी), रमजान बख्श (बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी), गजाधर सिंह (चकबन्दी अधिकारी, सदर), शिवनाथ पाण्डेय (चकबन्दी अधिकारी, नन्दगंज) सहित सभी सहायक चकबन्दी अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने अंत में स्पष्ट निर्देश दिया कि चकबन्दी कार्यवाही निष्पक्ष, पारदर्शी, समयबद्ध एवं गुणवत्तापरक ढंग से पूर्ण की जाए ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समय पर प्राप्त किया जा सके।