गाजीपुर। कलेक्टरेट सभागार में शनिवार को जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में आईजीआरएस (इंटीग्रेटेड ग्रिवेंस रिड्रेसल सिस्टम) की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनपद स्तरीय समस्त अधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों एवं आवेदनों का 100 प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि अधिकारी स्वयं अपनी लॉगिन आईडी और पासवर्ड के माध्यम से पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों, डिफाल्टर संदर्भों एवं निस्तारण की स्थिति की नियमित समीक्षा करें तथा अधीनस्थों द्वारा अपलोड की गई आख्या का परीक्षण कर स्वयं की आख्या पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने सभी कार्यालयाध्यक्षों को अपने-अपने कार्यालय में फीडबैक सेल का गठन करने का निर्देश दिया। फीडबैक सेल में रोस्टर के अनुसार अधिकारियों/कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी जो शिकायतकर्ताओं से वार्ता कर फीडबैक प्राप्त करेंगे। इसके पश्चात ही अंतिम निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। प्रत्येक दिन प्राप्त फीडबैक को निर्धारित प्रारूप में संकलित कर कार्यालय में सुरक्षित रखा जाएगा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की निस्तारण प्रक्रिया अधिकतम 7 दिनों में पूर्ण की जाए। यदि आख्या गुणवत्तापूर्ण नहीं होती है तो अधिकतम 5 दिनों के भीतर पुनः आख्या प्राप्त कर फीडबैक की प्रक्रिया पूर्ण की जाए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि भविष्य में कोई भी संदर्भ डिफाल्टर की श्रेणी में न पहुंचे, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जुलाई 2025 के अंत में आईजीआरएस की समीक्षा फिर से की जाएगी। यदि किसी अधिकारी की ओर से लापरवाही पाई जाती है तो उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह समीक्षा शासन स्तर से होती है और लापरवाही की स्थिति में मुख्यमंत्री कार्यालय एवं उत्तर प्रदेश शासन को सूचित किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दिनेश कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी सहित जनपद के समस्त खंड विकास अधिकारी एवं नगर पालिका परिषद/नगर पंचायतों के अधिशासी अधिकारी उपस्थित रहे।