गाजीपुर। वरिष्ठ कम्युनिस्ट नेता, पूर्व प्राचार्य एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ पदाधिकारी डॉ. रामबदन सिंह का आज प्रातः 7 बजे निधन हो गया। उनके निधन से जनपद के राजनीतिक, शैक्षिक एवं सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। डॉ. सिंह पूर्व में विधानसभा प्रत्याशी रहे, शिक्षक नेता के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई तथा प्रगतिशील लेखक संघ के जिलामंत्री, समकालीन सोच परिवार के सदस्य, पार्टी कार्यालय ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं किसान सभा के जिला मंत्री जैसे अनेक महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। उनकी स्मृति में आज दोपहर 12 बजे पार्टी कार्यालय, भारद्वाज भवन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता शशिकांत कुशवाहा ने की।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक कामरेड राजेन्द्र यादव ने कहा कि डॉ. रामबदन सिंह एक वरिष्ठ कम्युनिस्ट और प्रखर बुद्धिजीवी लेखक थे। वे विचारों से अत्यंत समृद्ध थे और जीवनपर्यंत निःस्वार्थ भाव से पार्टी संगठन के लिए कार्य करते रहे। उन्होंने अंतिम सांस तक लाल झंडे के साथ अपनी प्रतिबद्धता निभाई। पार्टी के विभिन्न जनसंगठनों की जिम्मेदारियां एक साथ संभालने की उनकी क्षमता अनुकरणीय थी। उनकी कमी सदैव महसूस की जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. सिंह बौद्धिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करते थे और साथियों को वैचारिक रूप से सजग रहने के लिए प्रेरित करते थे। सभी को साथ लेकर चलने की उनकी अद्भुत क्षमता थी। श्रद्धांजलि सभा को प्रमुख रूप से रामअवध राम, विजय बहादुर सिंह, डॉ. इकबाल अंसारी, सुरेन्द्र राम, घुरा यादव, राजदेव यादव, रामलाल, रामनगीना, रामशंकर सिंह, नेपाल यादव, शिवबचन यादव, अशोक मिश्रा सहित अन्य लोगों ने संबोधित कर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की।