जमानियां| कोतवाली क्षेत्र में जमीन का एग्रीमेंट कर 10 लाख रुपये एडवांस लेने के बाद उसी जमीन को कथित रूप से दूसरे व्यक्ति को बेच देने का मामला सामने आया है। पीड़ित द्वारा रुपये वापस मांगने पर आरोपियों द्वारा मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने गुरुवार को दो नामजद सहित चार अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बुद्धिपुर निवासी सेराजुद्दीन खान ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने पटखौलिया रेलवे स्टेशन के पास स्थित लगभग 6 एकड़ 10 बिस्वा जमीन खरीदने के लिए अब्दुल रउफ अंसारी और अब्दुल वाहिद अंसारी से 40 लाख रुपये में सौदा तय किया था। 25 जून 2022 को उन्होंने 10 लाख रुपये एडवांस देकर जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया था, जबकि शेष 30 लाख रुपये भुगतान कर बैनामा होना तय था।
आरोप है कि आरोपी लगातार टालमटोल करते रहे और 18 सितंबर 2025 को खतौनी निकलवाने पर पता चला कि संबंधित जमीन आरोपियों द्वारा किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई है। इसके बाद 25 नवंबर 2025 को पीड़ित जब अपना एडवांस वापस मांगने आरोपियों के घर गया तो आरोप है कि अब्दुल रउफ, अब्दुल वाहिद और चार अज्ञात लोगों ने गाली-गलौज करते हुए लाठी-डंडों से मारपीट की और दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के अनुसार घटना के बाद स्थानीय कोतवाली और 28 नवंबर को पुलिस अधीक्षक गाजीपुर को भी प्रार्थना पत्र दिया गया, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट की शरण ली। अदालत के आदेश के अनुपालन में प्रभारी निरीक्षक रामसजन नागर ने बताया कि वादी की तहरीर के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी, अमानत में खयानत, मारपीट और जान से मारने की धमकी सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है और साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई किए जाने की बात कही है।