जमानियां (गाजीपुर)। नगर के पक्का बलुआ घाट सहित आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को चैती छठ महापर्व पूरी श्रद्धा, पवित्रता और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। चार दिवसीय इस कठिन अनुष्ठान के दौरान गंगा तट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
चैत्र शुक्ल चतुर्थी से शुरू होकर सप्तमी तक चले इस पर्व में विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों से सैकड़ों महिलाएं गाजे-बाजे के साथ घाटों पर पहुंचीं। व्रतियों ने 36 घंटे का कठिन निर्जला व्रत रखते हुए भगवान सूर्यदेव और छठी मैया की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पुजारी उद्धव पांडेय ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार द्वापर युग में द्रौपदी ने पांडवों की रक्षा और आरोग्य के लिए यह व्रत किया था। उन्होंने कहा कि यद्यपि मुख्य छठ पर्व कार्तिक मास में मनाया जाता है, फिर भी चैत्र मास की छठ का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।
नहाय-खाय और खरना के बाद व्रतियों ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया, वहीं मंगलवार को उदीयमान सूर्य (ऊषा अर्घ्य) को जल अर्पित कर पारण के साथ व्रत का समापन किया। यह पर्व अनुशासन, शुद्धता और सूर्य उपासना का प्रतीक है, जिसमें माताएं अपनी संतान की लंबी आयु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। उपजिलाधिकारी ज्योति चौरसिया और तहसीलदार राम नारायण वर्मा ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। वहीं कोतवाली प्रभारी निरीक्षक रामसजन नागर के नेतृत्व में पुलिस बल घाटों पर लगातार मुस्तैद रहा। नगर पालिका द्वारा टेंट और प्रकाश की समुचित व्यवस्था की गई, जिसके बीच श्रद्धालुओं ने पूरी रात भजन-कीर्तन कर पर्व का आनंद लिया। चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस महापर्व ने पूरे क्षेत्र को आस्था और भक्ति के रंग में रंग दिया।