जमानियां। क्षेत्र के ढढनी गांव स्थित चट्टी के पास गुरुवार को सम्राट अशोक की जयंती हर्षोल्लास और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों ने भाग लेते हुए उनके शांति, सद्भाव और लोककल्याण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत सम्राट अशोक के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर की गई। इसके बाद उपस्थित लोगों के बीच मिठाई वितरण कर खुशी साझा की गई। तत्पश्चात ढढनी चट्टी से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो गाजे-बाजे और नारों के बीच बेटाबर, कोटिया, महेवा, ताजपुर, पाण्डेय मोड़, नरियांव, लहुआर, अवंती और नगसर होते हुए पुनः ढढनी गांव पहुंची, जहां यह एक विशाल जनसभा में परिवर्तित हो गई। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर ग्रामीणों द्वारा जलपान की व्यवस्था भी की गई। सभा को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि संतोष कुशवाहा (ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि) ने कहा कि सम्राट अशोक केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि ऐसे शासक थे जिन्होंने लोककल्याण को सर्वोपरि रखा और शांति व धम्म का मार्ग अपनाकर विश्व में मिसाल पेश की। उन्होंने कहा कि आज के समय में उनके आदर्शों को अपनाकर ही समाज में एकता और विकास सुनिश्चित किया जा सकता है।
वहीं, पूर्व जिला पंचायत सदस्य धनंजय मौर्य ने कहा कि सम्राट अशोक का शासनकाल भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग रहा है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सम्राट के जीवन से प्रेरणा लेकर शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ें। कार्यक्रम में वीरेंद्र कुशवाहा, चन्द्र पाल मौर्य, कृष्णा मौर्य, धर्मेंद्र कुशवाहा, गुड्डू कुशवाहा, भानू कुशवाहा, विनय, राजू, अनुज, संतोष राम, घनश्याम राम, रमेश राम, रितेश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन रामेश्वर कुशवाहा ने किया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने सम्राट अशोक के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का सामूहिक संकल्प लिया।