जमानियां। तहसील क्षेत्र के असैचंदपुर गांव में रविवार को आयोजित 81 दिवसीय गविष्ठि (गौ-रक्षार्थ) यात्रा के दौरान ज्योतिष्पीठाधीश्वर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ-रक्षा, लोकतंत्र और सनातन संस्कृति को लेकर जनमानस को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गौ माता केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की आत्मा हैं। अपने संबोधन में शंकराचार्य ने लोकतंत्र में मतदान की शक्ति पर विशेष जोर देते हुए कहा कि जनता का वोट ही सबसे बड़ी ताकत है। यदि लोग जागरूक होकर सही दिशा में मतदान करें, तो समाज और संस्कृति विरोधी शक्तियों पर स्वतः अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज कुछ लोग जनता के वोट का गलत इस्तेमाल कर समाज की मूल आस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रहे हैं, इसलिए लोगों को पहले से अधिक सजग रहने की आवश्यकता है।
संत समाज और सत्ता के संबंधों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, “संत कभी सत्ता का चाटुकार नहीं होता, वह सदैव सत्य का पक्षधर होता है। जो सत्ता के पीछे चलता है, वह संत नहीं बल्कि स्वार्थी व्यक्ति है।” उन्होंने कहा कि सच्चा संत वही है जो धर्म और समाज की रक्षा के लिए निर्भीक होकर सत्य बोल सके। उत्तर प्रदेश में गौवंश की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए शंकराचार्य ने कहा कि प्रदेश में गायों की संख्या लगातार घट रही है। उन्होंने मांस निर्यात में प्रदेश की भागीदारी को सनातन संस्कृति पर आघात बताया। साथ ही कहा कि गौ संरक्षण अब राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है और पिछले तीन वर्षों से देशभर में जनजागरण अभियान चलाया जा रहा है। कार्यक्रम में जमानियां विधायक ओमप्रकाश सिंह ने भी पहुंचकर शंकराचार्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गौसेवक और ग्रामीण मौजूद रहे। इस अवसर पर बीवाईवीएस के राष्ट्रीय महामंत्री एवं गाजीपुर जिला प्रभारी हर्ष मिश्रा, जिला सहसंयोजक मनोज सिंह, विधानसभा संयोजक विनोद तिवारी, जगद्गुरूकुलम जमानियां की प्रबंधक सीमा तिवारी, बालकृष्ण द्विवेदी, सुरेश दुबे, अनिल यादव, रजनीकांत यादव, मोहन गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।