गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं, सांसद निधि, पूर्वांचल विकास निधि, क्रिटिकल गैप्स तथा विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने आवास विकास परिषद, जल निगम, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, सिंचाई विभाग, यूपी सिडको, राजकीय निर्माण निगम, राज्य सेतु निगम सहित विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की।समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी अधूरे निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की निगरानी ड्यूटी लगाई गई है, वे प्रत्येक 15 दिन पर स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट उपलब्ध कराएं। जनपद में लगातार आ रही विद्युत समस्याओं पर भी जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिया कि बिजली बिल अथवा विद्युत आपूर्ति से संबंधित किसी भी समस्या का तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अधिशासी अभियंता जल निगम नगरी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्टीकरण मांगने तथा वेतन रोकने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि सभी निर्माण कार्य मानक एवं गुणवत्ता के अनुरूप कराए जाएं। जिन परियोजनाओं के कार्य धनाभाव के कारण रुके हुए हैं, उनके संबंध में उच्चाधिकारियों को पत्र भेजने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने धन आवंटन के बावजूद धीमी प्रगति वाले कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्माण एजेंसियों को चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ कार्य पूरा किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी स्तर की लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित अधिकारी इसके लिए जिम्मेदार होंगे। बैठक में मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, परियोजना निदेशक दीनदयाल वर्मा, अर्थ एवं संख्याधिकारी सहित विभिन्न विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित रहे।