

गंगा घाट को रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से सजाया गया था, जिससे पूरा वातावरण मानो देवलोक में परिवर्तित हो गया हो। मां गंगा के अवतरण दिवस पर आयोजित इस भव्य अनुष्ठान ने श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और अध्यात्म से जोड़ने का कार्य किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश सिंह के प्रतिनिधि मन्नू सिंह ने मां गंगा के चित्र पर माल्यार्पण एवं विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर किया। इसके बाद यजमान पूजन, नाव पूजन, आर-पार माला पूजन और कलश पूजन संपन्न हुआ। तत्पश्चात वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटों की मंगल ध्वनि के बीच मां गंगा की मनमोहक महाआरती की गई, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।

मुख्य अतिथि मन्नू सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सभ्यता और सनातन आस्था की जीवनदायिनी धारा हैं। गंगा दशहरा हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों, धार्मिक मूल्यों और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है। उन्होंने कहा कि मां गंगा का पावन जल करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और यह हमारी आध्यात्मिक चेतना को ऊर्जा प्रदान करता है। उन्होंने आगे कहा कि गंगा घाटों का विकास केवल धार्मिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इससे पर्यटन, सामाजिक समरसता और क्षेत्रीय सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलती है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है कि वह मां गंगा की स्वच्छता और पवित्रता बनाए रखने में अपना योगदान दे, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस दिव्य धरोहर का लाभ प्राप्त कर सकें। कार्यक्रम के अंत में श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष कमलचंद बाबा, सभासद प्रमोद यादव, डब्लू सिंह, अनिल यादव, रजनीश यादव, वेकटेश जायसवाल, गोपाल जायसवाल, दिलीप वर्मा, सतीश वर्मा, सोनल वर्मा, सोनू गुप्ता, मनीष पटवा, विवेका वर्मा, सुनील प्रजापति, सुमिरन शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
