गाजीपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा संचालित “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के अंतर्गत गाजीपुर पुलिस की मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप दहेज मृत्यु के एक मामले में तीन अभियुक्तों को न्यायालय से सजा दिलाई गई। जानकारी के अनुसार थाना मुहम्मदाबाद में पंजीकृत मुकदमा संख्या 215/2020, धारा 498ए, 304बी भादवि एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम से संबंधित प्रकरण में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सशक्त पैरवी की। इसके आधार पर न्यायालय ने अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
न्यायालय ने अभियुक्त पवन कुमार पुत्र कुबेर राम निवासी आदिलाबाद, थाना मुहम्मदाबाद को धारा 304बी/34 भादवि के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। वहीं सह-अभियुक्त कुबेर राम एवं गीता देवी को इसी धारा में 7-7 वर्ष के सश्रम कारावास से दंडित किया गया। इसके अतिरिक्त तीनों अभियुक्तों को धारा 498ए भादवि के तहत दो-दो वर्ष के सश्रम कारावास एवं 5-5 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई। अर्थदंड अदा न करने पर तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/4 के अंतर्गत भी तीनों अभियुक्तों को एक-एक वर्ष के सश्रम कारावास तथा 5-5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है। अर्थदंड न देने की स्थिति में प्रत्येक अभियुक्त को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पुलिस विभाग ने इसे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत प्रभावी पैरवी का महत्वपूर्ण परिणाम बताते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा।